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★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{कुछ ही दिनों में होने वाली है शादी,लन्दन से कुछ ही दिनों में पहुँचेगी अपने घर वेलोर हरिद्रा श्रीहरन}
[राजीव गांधी की हत्या के आरोप में बंद नलिनी-मुरुगन की बेटी हरिद्रा का जन्म हुआ था जेल में]
(नलिनी को भी कोर्ट से मिली है एक माह की पैरोल बेटी की शादी में माँ का धर्म निभाने हेतु)

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♂÷पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोष में उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन जेल से बाहर आ चुकी है उसे अपनी बेटी की शादी में शामिल होने के लिए 30 दिन की पैरोल मिली है। नलिनी ने अपनी बेटी की शादी के लिए 6 महीने के लिए पैरोल मांगी थी हालांकि उसे 30 दिन की ही पैरोल मिली।पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारे दंपति नलिनी और मुरुगन की बेटी हरिद्रा लंदन में रहती है।नलिनी और मुरुगन की बेटी, जिसे पहले मेगारा के नाम से भी जाना जाता था, उसकी कहानी दिलचस्प है। हत्या की दोषी मां की बेटी ने लंदन में रहकर ऊंची शिक्षा हासिल की है।
नलिनी ने जून 1991 में अपनी गिरफ्तारी के कुछ दिनों पहले ही तिरुपति में मुरुगन से शादी की थी,नलिनी श्रीहरन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के आरोप में जेल में बंद थी उसी दौरान 1992 में वेल्लोर जेल में ही नलिनी की बेटी का जन्म हुआ।21 जनवरी 1992 को नलिनी ने एक बेटी को जन्म दिया, जिसे पहले मेगारा के नाम से जाना गया,बाद में उसे हरिद्रा श्रीहरन का नाम मिला।
नलिनी की बेटी का जन्म वेल्लोर जेल में राजीव गांधी हत्याकांड के ट्रॉयल के दौरान ही हुआ था।
ये बड़ा ही संवेदनशील मसला था, एक तरफ पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या जैसा भीषण आरोप, दूसरी तरफ आरोपी का जेल के अंदर ही मां बनना एक बेटी को अपनी मां के किए की सजा भुगतनी पड़ी।

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नलिनी की बेटी हरिद्रा जन्म के बाद के कुछ वर्षों तक अपनी मां के साथ जेल में ही रही. छह साल की उम्र तक नलिनी की बेटी हरिद्रा श्रीहरन अपनी मां के साथ जेल में ही रही।6 साल के बाद उसके जेल में रहने का प्रावधान नहीं रह गया,उसके बाद वो जेल से बाहर अपनी दादी के पास आ गई मुरुगन की मां उसे लेकर श्रीलंका चली गईं।
हरिद्रा श्रीहरन के मन में बचपन की कड़वी यादें आज भी जिंदा है. वो बताती रही हैं कि किस तरह बचपन में उसे स्कूल में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जब उसे अपनी मां के अपराध की गंभीरता का अंदाजा हुआ तो उसे बड़ी शर्मिंदगी महसूस हुई वो स्कूल में बिल्कुल शांत रहती थी,शर्मिंदगी की वजह से वो किसी भी स्कूल फंक्शन में हिस्सा नहीं लिया करती थी।
13 साल की उम्र में एक बार जेल में वो अपने पैरेन्ट्स से मुलाकात करने पहुंची उसने पूछा, ‘आप लोगों ने ऐसा रास्ता क्यों अख्तियार किया’ पैरेन्ट्स के पास कोई जवाब नहीं था।
श्रीलंका में ही हरिद्रा ने अपनी शुरुआती स्कूली पढ़ाई की,हरिद्रा को श्रीलंकाई पासपोर्ट के जरिए भारत से श्रीलंका ले जाया गया था।हरिद्रा के पिता और दादी दोनों ही श्रीलंकाई नागरिक हैं इसी आधार पर वो श्रीलंका गई। बाद में उसकी नागरिकता का मुद्दा कोर्ट में बहस का आधार बना।
कोर्ट में हरिद्रा के पैरेन्ट्स ने अर्जी डाली थी कि चूंकि हरिद्रा का जन्म भारत में हुआ है और उसकी मां भी भारतीय है, इसलिए उसे भारत की नागरिकता दी जाए लेकिन इंडियन अथॉरिटी ये मानने को तैयार नहीं थी।
मद्रास हाईकोर्ट में ये मामला खूब चर्चित हुआ, मद्रास हाईकोर्ट ने भी माना कि जन्म के आधार पर हरिद्रा को भारतीय नागरिकता दी जाए और उसे भारत आने का वीजा जारी किया जाए हालांकि भारतीय एजेंसियां इससे बचती रहीं।
जनवरी 2006 में भारतीय एजेंसियों को हरिद्रा को भारत आने का वीजा देना पड़ा,हरिद्रा ने वेल्लोर जेल में अपने पैरेन्ट्स से मुलाकात की थी।भारतीय एजेंसियों की इस बात के लिए आलोचना की जाती रही कि वो नलिनी की बेटी पर नजर नहीं रख पाए,कहा जाता है कि श्रीलंका में शुरुआती पढ़ाई के बाद नलिनी की बेटी हरिद्रा अपने पिता के भाई के पास लंदन चली गई बीच में भारतीय एजेंसियों को पता चला कि वो नॉर्वे में रह रही है।
नलिनी और मुरुगन दोनों को फांसी की सजा हुई थी। हरिद्रा के जन्म की वजह से ही सोनिया गांधी ने उसकी फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की अपील की थी।
वर्ष 2000 में नलिनी की फांसी की सजा उम्रकैद में बदल दी गई।2008 में प्रियंका गांधी ने वेल्लोर जेल में नलिनी से मुलाकात की थी।प्रियंका ने नलिनी से पूछा कि आखिर उसने उसके पिता राजीव गांधी को क्यों मारा था।नलिनी की बेटी हरिद्रा ने बड़े होने पर अपने पैरेन्ट्स की सजा माफ किए जाने की अपील की थी।कुछ टेलीविजन चैनल्स के साथ बातचीत में उसने कहा कि उसके पैरेन्ट्स को अब माफ कर दिया जाना चाहिए।
नलिनी को अपनी बेटी की शादी में शामिल होने के लिए 30 दिन की पैरोल मिली है।
लंदन में हरिद्रा ने उच्च शिक्षा हासिल की है बताया जाता है कि 2011 में हरिद्रा श्रीधरन ने यूके की ग्लास्गो यूनिवर्सिटी में दाखिल लिया उसने बॉयो मेडिसिन की पढ़ाई शुरू की, हरिद्रा ने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है अब उसकी शादी हो रही है,नलिनी को अपनी बेटी की शादी में शामिल होने के लिए ही एक महीने की पैरोल मिली है।

By Mukesh Seth

Chief Editor

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