【1971 के बाद हमारे यहांं से कोई भारत नहीं गया=असद्दुज्जमान खान】

【1971 के बाद हमारे यहांं से कोई भारत नहीं गया=असद्दुज्जमान खान】

★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{बांग्लादेश के गृहमंत्री खान ने असम के वित्तमंत्री हिमंता बिस्वसरमा के बयान पर कहा कि NRC लिस्ट भारत का आंतरिक मामला हमे लेना देना नही है}
[लिस्ट से 19 लाख लोगों के बाहर होने पर असम के वित्तमंत्री ने कहा था कि बांग्लादेश से सम्पर्क करेंगे और उन्हें अपने लोगों को ले जाने के लिए कहेंगे]
(शनिवार को जारी 19,06657 लोगों के नाम NRC लिस्ट में न होने से इन लोगों को 120 दिनों में फॉरेन ट्राइब्यूनल में करनी होगी अपील)
[बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली में भी एनआरसी की जरूरत बताई तो कांग्रेसी सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा मुझे भी करो बाहर क्योंकि मेरे बाप थे बंगलादेशी]

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♂÷बांग्लादेश के गृह मंत्री असद्दुज़्ज़्मान खान ने दावा किया है कि जहां तक उन्हें मालूम है तो उनके देश का कोई भी नागरिक 1971 के बाद भारत नहीं गया।
असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिज़न की फाइनल लिस्ट शनिवार को जारी कर दी गई।इस लिस्ट में 19 लाख से ज्यादा लोगों का नाम शामिल नहीं किया गया है।
इसी को लेकर असम सरकार में वित्त मंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कहा था कि वह अपने दोस्त बांग्लादेश से संपर्क करेंगे और उन्हें अपने लोगों को वापस ले जाने के लिए कहेंगे।हिमंता ने कहा था कि बांग्लादेश सरकार भारत की मित्र है और वह हमारे साथ सहयोग कर रहे हैं। सरमा के इस बयान के कुछ ही घंटे के बाद बांग्लादेश की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आई है।

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बांग्लादेश के गृह मंत्री असद्दुज़्ज़्मान खान ने दावा किया है कि जहां तक उन्हें मालूम है तो उनके देश का कोई भी नागरिक 1971 के बाद भारत नहीं गया।
ढाका में खान ने कहा कि हां मुझे जानकारी है कि असम में एनआरसी की सूची जारी हो गई है,ये पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है और इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है।
भारतीय जनता पार्टी की पूर्वोत्तर विंग नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस के संयोजक सरमा ने कहा था कि बांग्लादेश भारत सरकार का दोस्त है और इस मामले में हमारी मदद कर रहा है,वे हमारा सहयोग कर रहे हैं और जब हमने अवैध शरणार्थियों के मामले पेश किए तो वह अपने लोगों को लगातार वापस ले रहे हैं। ये संख्या ज्यादा नहीं है, लेकिन अब हमारे पास लोगों को पहचानने के लिए एक प्रक्रिया होगी।
सरमा के इस बयान पर खान ने कहा कि बांग्लादेश का एनआरसी से कुछ भी लेना-देना नहीं है,मैं फिर से कहना चाहता हूं कि भारत का अंदरूनी मामला है,मुझे नहीं मालूम कि किसने इसे लेकर क्या कहा है।पहले भारत इस मामले पर हमसे औपचारिक बातचीत करे तब हम इस पर कोई भी जवाब देंगे।खान ने कहा कि बस मैं यह ही कह सकता हूं कि 1971 के बाद कोई भी बांग्लादेश से भारत नहीं गया है।यह संभव हो सकता है कि वे (मुख्यत: बंगाली) भारत के ही अलग-अलग हिस्सों से असम में बस गए हों लेकिन वे बांग्लादेश से नहीं गए हैं।
बांग्लादेश के गृह मंत्री ने कहा कि जब से बांग्लादेश बना है भारत हमारे साथ है,हमारे रिश्ते भारत के साथ काफी अच्छे हैं। भारत हमारा दोस्त है और जहां तक एनआरसी की बात है मैं यह ही कह सकता हूं कि बांग्लादेश से कोई भी 1971 के बाद भारत नहीं गया है उन्होंने ये भी कहा मुझे नहीं लगता कि भारत सरकार किसी को भी बांग्लादेश की तरफ भेजेगी।
शनिवार को एनआरसी की फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद 19 लाख से ज्यादा लोग इसमें शामिल नहीं हुए हैं।इसके लिए 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन किया था जिसमें से 3,11,21,004 लोगों का नाम एनआरसी में दर्ज हुआ जबकि बचे हुए 19,06,657 लोगों का नाम इस लिस्ट में नहीं है,अब जिन लोगों का नाम इसमें दर्ज नहीं है उन्हें 120 दिन में यानी 31 दिसंबर से पहले फॉरेनर्स ट्रिब्युनल में अपील करनी होगी।
कुल मिलाकर देश में एनआरसी लिस्ट से बाहर हुए लोगो को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है बीजेपी जहां अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालने की बाते कर रही है तो वही दिल्ली भाजपाध्यक्ष व सांसद मनोज तिवारी दिल्ली प्रदेश में भी घुसपैठियों के मुद्दे उठाकर एनआरसी की जरूरत बता दी है तो वहीं काँग्रेस इनको लेकर समर्थन में आती दिख रही है।
काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को इस मुद्दे पर बैठक कर जता दिया है कि काँग्रेस उनके साथ खड़ी होगी तो वही लोकसभा में काँग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि मेरे बाप भी बांग्लादेशी थे मुझे भी देश से बाहर करो।

Mukesh Seth

Chief Editor

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