★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{14000 करोड़ से ऊपर बैंक घोटाले,मनी लांड्रिंग समेत कई मामलों के आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी को जज सैमुअल गुजी ने कहा मुम्बई के ऑर्थर रोड जेल है बेहतर}
[कोर्ट ने मानसिक रूप से बीमार होने की दलीलें की ख़ारिज और कहा कि धोखाधड़ी व सबूत मिटाने के है पर्याप्त सबूत]
(गृहमंत्री प्रीति पटेल के सामने जायेगा प्रत्यर्पण मामला,जल्द भारत को सौंपा जा सकता है भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी)
♂÷कहते हैं कि अपराधी कितना भी बड़ा शातिर क्यों न हो क़ानून के हाथ लम्बे आख़िर उसके गले दबोचनें में कामयाब ही रहते हैं।
भारत मे पँजाब नेशनल बैंक से 14000 करोड़ रुपये से ऊपर की धोखाधड़ी मामलें व मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई मामलों में देश से भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को आज ब्रिटेन की कोर्ट से बड़ा झटका लगा है अगर सबकुछ ठीक रहा तो शीघ्र ही उसे भारत को सौंपा जा सकता है।
देश की राजनीति में सनसनी मचाने वाले इस बैंक घोटाले के मामले के मुख्य आरोपी जो कि लन्दन के वांड्सवर्थ जेल में बंद है को जज सैमुअल गुजी के फैसले से बड़ा झटका लगा है।
जज ने सुनवाई के दौरान कहा कि नीरव मोदी के खिलाफ बैंकों से धोखाधड़ी के पर्याप्त सबूत हैं, और उसकी दलील नही स्वीकार की जा सकती कि भारत की जेल ठीक नही है।उन्होंने आगे कहा जिस लन्दन की जेल में अभी वह बन्दी चल रहा है उससे अच्छी मुम्बई की आर्थर जेल हैं।
जज ने नीरव मोदी के बचाव अपील की उसकी मानसिक रूप से बीमार है को नही माना।
हालांकि अब यह प्रत्यर्पण का मामला ब्रिटेन की गृहमंत्री प्रीति पटेल के पास जाएगा तो वहीं अभी भी नीरव मोदी हाईकोर्ट में इस आदेश के विरुद्ध अपील करने का अधिकार रखता है।
नीरव मोदी भारत प्रत्यर्पण पर ब्रिटेन की कोर्ट में गुरुवार को आखिरी सुनवाई हुई। इसमें कोर्ट ने नीरव को भारत भेजने की मंजूरी दे दी।
खबर के अनुसार, लंदन में वर्चुअल हियरिंग के बाद जज सेमुअल गूजी ने कहा कि नीरव मोदी को भारत में चल रहे केस में जवाब देना होगा।
उन्होंने माना कि नीरव मोदी के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। 2 साल चली कानूनी लड़ाई के बाद यह फैसला आया है।
जज ने कहा कि नीरव मोदी को भारत भेजा जाता है तो ऐसा नहीं है कि उन्हें वहां इंसाफ न मिले। कोर्ट ने नीरव मोदी की मानसिक स्थिति ठीक न होने की दलील भी खारिज कर दी है। कहा कि ऐसा नहीं लगता उन्हें ऐसी कोई परेशानी है।
कोर्ट ने मुंबई की ऑर्थर रोड जेल की बैरक नंबर-12 को नीरव के लिए फिट बताया। साथ ही कहा कि भारत प्रत्यर्पण होने पर भी उन्हें इंसाफ मिलेगा।
19 मार्च, 2019 को गिरफ्तार किए गए नीरव मोदी पर मनी लॉन्ड्रिंग, सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को डराने की साजिश रचने का आरोप है।
भारत में जेल के माहौल और मेडिकल अरेंजमेंट्स पर अदालत ने कहा मुंबई की आर्थर रोड जेल लंदन में नीरव की अभी की सेल से कहीं बेहतर दिखती हैं।
दरअसल, नीरव के वकीलों ने दलील दी थी कि कोरोना के बाद के हालात और भारत में जेलों की खराब हालत के कारण उनकी दिमागी हालत पर असर पड़ सकता है। कोर्ट ने ये दोनों बातें नकार दीं।
पंजाब नेशनल बैंक के 14 हजार करोड़ से भी अधिक के लोन की धोखाधड़ी का आरोपी नीरव इस समय लंदन की वांड्सवर्थ जेल में बंद है।
लंदन कोर्ट में जज सेमुअल गूजी के फैसले के बाद मामला अब ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के पास जाएगा। प्रत्यर्पण को लेकर कोर्ट के फैसले पर गृह मंत्री प्रीति पटेल आखिरी मोहर लगाएंगी।
हालांकि, नीरव के पास अभी हाईकोर्ट में अपील करने का रास्ता खुला है। अगर वे हाई कोर्ट नहीं जाते हैं और गृह मंत्री प्रत्यर्पण की इजाजत दे देती हैं तो नीरव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
इससे पहले वकीलों ने दावा किया कि नीरव मोदी मानसिक रूप से बीमार है। साथ ही उन्होंने भारत की जेल में सुविधाएं न होने के दावे किए। भारतीय एजेंसियों की ओर से क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) मामले की पैरवी कर रहा है।
CPS की बैरिस्टर हेलन मैल्कम ने कहा था कि मामला बिल्कुल स्पष्ट है। नीरव ने तीन पार्टनर वाली अपनी कंपनी के जरिये अरबों रुपए का बैंक घोटाला किया।
जबकि बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि मामला विवादित है। नीरव मोदी पर गलत आरोप लगाए गए हैं।






















