★मुकेश शर्मा★
★भोपाल★
{राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया के बंगले पर कुख्यात रेत माफियाओं द्वारा की गई गोलीबारी,चर्चा है कि मन्त्री के ही ख़ास माने जाते हैं रेत माफ़िया, हिस्सेदारी को लेकर हुई गोलीबारी}
[विधानसभा उपचुनाव के दौरान रेत माफ़िया भूरे यादव व बंटी राजपूत ने खुलकर की थी मन्त्री ओपीएस भदौरिया की मदद,अब बन बैठे हैं दुश्मन]
(राजसत्ता को खुलेआम चुनौती देने वाली इस दुस्साहसिक घटना के बाद पुलिस ने चार आरोपियों के विरुद्ध 307,294 और 34 IPC की धारा के तहत केस दर्ज कर भेजा जेल)
♂÷मध्यप्रदेश के भिंड जिले का नाता बन्दूक और गोलियों से पुराना रहा है, बीते समय के साथ सिंध व चम्बल के बीहड़ बागियों से तो खाली होगये किन्तु रेतमाफ़िया की गोलियों की गूंज बागियों से भी ज्यादा खतरनाक है।
बागी और डकैतों का स्थान अब रेतमाफ़िया ले चुके हैं, लेकिन चम्बल अंचल में बागियों के कुछ उसूल भी थे किंतु रेतमाफियाओं खाकी ,खादी और कमलकारों की मदद भी लेते हैं और समय समय पर इनके शिकार भी यही बनते आये हैं।अब नया मामला भिण्ड के मेहगांव नगर का सामने आया है जहाँ रेतमाफ़िया ने एक सफेदपोश के बंगले पर गोलियों की बौछार कर दी। यह सफेदपोश कोई और नही बल्कि मध्यप्रदेश शासन के राज्य मंत्री ओपीएस भदौरिया है जिनके बंगले पर शनिवार 6 फरवरी को देर शाम गोलियों की गूंज सुनाई दी।मंत्री के बंगले पर गोलियां चलाने बाले गोरम थाना भारौली निवासी भूरे यादव व रौन थाना क्षेत्र के मड़ैयन निवासी बंटी राजपूत कुख्यात रेतमाफ़िया तो है ही इसके साथ मंत्री ओपीएस भदौरिया के नजदीकियों में भी सुमार रहे हैं। दोनों माफियाओं ने विधानसभा उपचुनाव में मंत्री का खुलकर सपोर्ट किया था।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार रेत कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर माफिया और मंत्री में विवाद चल रहा है और विवाद इस कदर तक बढ़ गया कि मेहगांव के सर्किट हाउस स्थित मंत्री के बंगले पर गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी।यह गूंज सिर्फ मंत्री के बंगले पर नही बल्कि राजसत्ता के लिये भी खुलेआम चुनौती है।
सूत्रों के अनुसार बताया जाता है कि मंत्री ओपीएस भदौरिया की रेतमाफ़िया से नजदीकियां लम्बे समय से सुर्खियों में रहीं है।
फिलहाल मेहगांव थाना पुलिस ने भूरे यादव ,बंटी राजपूत सहित 4 आरोपियों के विरुद्ध धारा 307,294 और 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है लैकिन अभी सभी नाम उजागर नहीं किये गए हैं।
सरकार की सत्ता को चुनौती देने वाली इस गम्भीर घटना के बाबत जब शाम 6.30 बजे पुलिस अधीक्षक व डीएसपी से फोन पर सम्पर्क करने की कोशिश की गई तो दोनों जिम्मेदार अधिकारियों के मोबाइल की घण्टी बजती रही किंतु उन्होंने फोन नही उठाया।
मन्त्री ओपीएस भदौरिया से जब बात की गई तो उन्होंने भी कोई जानकारी देने से बचते हुए कहा कि अभी हम रास्ते में हैं कुछ बता नही पाएंगे।






















