★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{महाराष्ट्र के पूर्व गृहराज्य मन्त्री व दिग्गज उत्तरभारतीय नेता कृपाशंकर सिंह ने कहा कि यह आंदोलन “आपका सम्मान हमारा अभिमान” के तहत किया जाएगा,पहुंचेंगे एक लाख उत्तर भारतीय घरों में}
[पूर्व मंत्री चन्द्रकांत त्रिपाठी ने कहा उत्तरभारतीय समाज पूरी तरह से बिखरा हुआ है, कृपाशंकर सिंह ने उत्तरभारतीय समाज को एकजुट कर आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया वह अभूतपूर्व है]
(पूर्वमंत्री रमेश दुबे ने कहा समाज को एकजुट होकर बिना किसी भेदभाव के।एक मंच पर आना चाहिए, कृपाशंकर सिंह की यह पहल समाज को बनाएगी फ़िर से शक्तिशाली)
[मुम्बई शहर के उपनगर अंधेरी के जेबी नगर में “परिश्रम” आंदोलन के तहत “आपका सम्मान हमारा अभिमान”कार्यक्रम में जुटे सभी दलों के उत्तरभारतीय नेता]
♂÷महाराष्ट्र व मुम्बई प्रदेश में उत्तर भारतीय समाज के सबसे लोकप्रिय व प्रभावशाली नेताओं में से एक पूर्व गृहराज्य मन्त्री कृपाशंकर सिंह ने आंदोलन “परिश्रम” शुरू किया है।
यह आंदोलन “आपका सम्मान हमारा अभिमान” के तहत किया जाएगा। इसके तहत कृपाशंकर सिंह ने एक लाख उत्तर भारतीय घरों में जाने का संकल्प लिया है। इसी कार्यक्रम के तहत आज शनिवार को मुम्बई के उपनगर अँधेरी के जेबी नगर में आयोजित कार्यक्रम में मुंबई उत्तर भारतीय समाज के वरिष्ठ लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पूर्वमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि उत्तर भारतीय समाज मुंबई का अगला महापौर तय करेगा। उन्होंने कहा कि हम महाराष्ट्र के विकास में अपना योगदान देने को पूरी तरह से तैयार हैं।
सिंह ने इरादे जताए कि बिखरे हुए उत्तर भारतीयों को एकजुट करने के लिए मैं एक लाख घरों में जाउंगा। उन्होंने कहा कि परिश्रम के बल पर मुंबई में अपनी पहचान बनाने वाले मेहनती लोगों के लिए “परिश्रम” कार्यक्रम करूंगा।

इस अवसर पर पूर्वमंत्री रमेश दुबे, पूर्वमंत्री चंद्रकांत त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र, मधुकांत शुक्ल, वागीश सारस्वत, रामबक्श सिंह, अखिलेश चौबे, विश्वकर्मा समाज के एडवोकेट जयप्रकाश विश्वकर्मा, अखिलेश सिंह, चौरसिया समाज के लक्ष्मी नारायण चौरसिया, यादव समाज के दीपक यादव, बीके तिवारी, चित्रसेन सिंह, कृपा शंकर पांडे, एडवोकेट गिरी, रमेश सिंह जैसे उत्तर भारतीय समाज के लोग मौजूद थे।
मुंबई के उत्तर भारतीय समाज को एकजुट करने के संकल्प के इस कार्यक्रम में सभी दलों के लोग पहुंचे। कार्यक्रम में उत्तर भारतीय नेता कृपाशंकर सिंह ने कहा कि यह किसी तरह का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, यह गैर राजनैतिक दलों का उत्तर भारतीय आंदोलन है। यहां पर हर दल के नेता मौजूद हैं। हम अपने समाज को एकजुट करते हुए महाराष्ट्र के विकास में अपना योगदान देंगे।
पूर्वमंत्री चंद्रकांत त्रिपाठी ने कहा कि उत्तर भारतीय समाज पूरी तरह से बिखरा हुआ है। इस समाज के लोग एक-दूसरे को आगे बढ़ाने की अपनी परिपाटी भूलते जा रहे हैं। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि हर कोई एक-दूसरे से जुड़ा हुआ था, तब यह समाज बहुत ताकतवर हुआ करता था, पर आज ऐसा नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि कृपाशंकर सिंह ने उत्तर भारतीय समाज को एकजुट कर आगे बढाने का जो बीड़ा उठाया है, वह अभूतपूर्व है। मैं तन, मन धन से इनके साथ खड़ा हूं और आगे भी खड़ा रहूंगा। रमेश दुबे ने कहा कि समाज को एक जुट होकर बिना किसी भेद-भाव के एक मंच पर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृपाशंकर सिंह की यह पहल समाज को फिर से शक्तिशाली बनाएगी। अब मैं आजीवन कोई चुनाव नहीं लडूंगा, पर समाज के बेहतरी के लिए कृपाशंकर सिंह के इस आंदोलन का आजीवन हिस्सा रहूंगा।






















