★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा “असाधारण””अभूतपूर्व”मामला, 15 दिन में हो CBI जाँच}
[कोर्ट की टिप्पणी के बाद गृहमंत्री देशमुख ने एनसीपी चीफ़ शरद पवार से मिलने के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को जाकर सौंपा इस्तीफ़ा]
(गृहमंत्री ने वसूली के आरोपो से किया इनकार,हाईकोर्ट के सीबीआई जाँच के आदेश के विरुद्ध जा सकते हैं सुप्रीम कोर्ट)
♂÷100 करोड़ वसूली प्रकरण को लेकर राज्यसरकार के गृहमंत्री पर लगे गम्भीर आरोप पर बम्बई उच्चन्यायालय ने सीबीआई को प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं।हाईकोर्ट ने सीबीआई को 15 दिनों के अंदर जांच खत्म करने के निर्देश दिए हैं।

उधर परमवीर सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी व आदेश आते ही गृहमन्त्री अनिल देशमुख ने एनसीपी पार्टी नेता शरद पवार से मुलाकात करने के बाद गृहमंत्री के पद से इस्तीफ़ा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिलकर सौंप दिया है।
इससे पहले परमवीर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले को असाधारण बताते हुए कहा था कि आरोपी बेहद गम्भीर है और साथ ही कोर्ट ने गृहमंत्री देशमुख के विरुद्ध CBI जाँच के आदेश दिए।
विदित हो कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर व वर्तमान में होमगार्ड डीजी परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख API सचिन वाझे को अपने सरकारी आवास पर बुलाकर मुम्बई के बार,पब,रेस्तरां व होटलों से 100 करोड़ रुपये महीनें की उगाही का टास्क दिया था,वाझे के जरिये वो मुंबई के व्यापारियों और बिजनेसमैन से वसूली करवाते हैं।
परमवीर सिंह ने इसके बाबत राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर इस बेहद गम्भीर व सनसनीखेज मामले पर जानकारी दी थी।
उधर परमबीर सिंह की याचिका पर मंगलवार को भी सुनवाई होनी है। परमबीर सिंह ने भी मामले की CBI से जांच कराने के लिए याचिका दायर की है और इसमें ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े केस शामिल करने के लिए कहा है.
बंबई उच्च न्यायालय ने सीबीआई को मुंबई पुलिस के पूर्व प्रमुख परमबीर सिंह द्वारा महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच 15 दिन के भीतर पूरी करने का सोमवार को निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी की खंड पीठ ने कहा कि यह “असाधारण’’ और “अभूतपूर्व’’ मामला है जिसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
पीठ ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को प्रारंभिक जांच 15 दिन के भीतर पूरी करने और आगे की कार्रवाई पर फैसला लेने का निर्देश दिया।
पीठ तीन जनहित याचिकाओं (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी,इनमें एक याचिका खुद परमवीर सिंह ने जबकि दूसरी याचिका शहर की वकील जयश्री पाटिल और तीसरी एक शिक्षक मोहन भिडे ने दायर की थी जिनमें अलग-अलग कदम उठाने का अनुरोध किया गया है।पीठ ने तीनों याचिकाओं का निस्तारण किया।
गौरतलब है कि 25 मार्च को सिंह ने देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच का अनुरोध करते हुए आपराधिक पीआईएल दाखिल की थी जिसमें उन्होंने दावा किया कि देशमुख ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे समेत अन्य पुलिस अधिकारियों को बार और रेस्तरां से 100 करोड़ रुपये की वसूली करने को कहा,गृहमंत्री ने इन आरोपों से इनकार किया है।
जबकि एपीआई सचिन वाझे को एंटीलिया कांड में NIA ने पहले ही गिरफ्तार किया हुआ है उसके ऊपर हिरेन मनसुख की भी हत्या के आरोप है जिसकी जाँच चल रही है।
कहा जा रहा है कि गृहमंत्री अनिल देशमुख सीबीआई जाँच को रुकवाने के लिए हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट भी जा सकते हैं
उधर इस मुद्दे पर शुरू से ही उद्धव सरकार पर हमलावर रही बीजेपी को बड़ा मुद्दा हाथ में महाविकास अघाड़ी सरकार ने थमा दिया है जिसको लेकर वह फ्रंटफुट पर खेल रही है तो वहीं पूरी सरकार बैकफ़ुट पर है।






















