★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{निर्वाणी अखाड़ा चित्रकूट के महामंडलेश्वर कपिल देव का हुआ कोरोना से निधन तो हरिद्वार में आयोजित महाकुम्भ में आये लाखों लोगों में से कोरोना जाँच के दौरान 1701 पाए गए संक्रमित}
[अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी भी कोरोना संक्रमित,चल रहा एम्स ऋषिकेश में इलाज़, उत्तराखंड में अब तक कुल 114000 से ऊपर जा पहुँची तो 2800 की हुई मौत]
(डीजी हेल्थ डॉ तृप्ति बहुगुणा ने कहा एक बार फ़िर से डेडिकेटेड हॉस्पिटल को किया जा रहा एक्टिंव,सबसे अधिक केस हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल व उधमसिंहनगर से आ रहा)
♂÷महाकुंभ हरिद्वार में कोरोना संक्रमित हुए महामंडलेश्वर की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक निर्वाणी अखाड़ा, चित्रकूट के महामंडलेश्वर कपिल देव का देहरादून के एक निजी हॉस्पिटल में 3 दिन पहले से कोविड-19 का इलाज चल रहा था, उनके फेफड़ों में कोविड का संक्रमण बढ़ जाने की वजह से मौत हो गई।
महाकुंभ से अब तक 20 से अधिक संत और 5 दिन के अंदर 1700 लोगों की जांच रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव आई है इसमें श्रद्धालुओं के साथ 20 से अधिक साधु-संत शामिल हैं।अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी भी कोविड-19 संक्रमित हैं उनका एम्स ऋषिकेश में उपचार चल रहा है।
वहीं उत्तराखंड में कोविड-19 संक्रमण की स्थिति लगातार गहराती जा रही है।
पिछले 24 घंटे में उत्तराखंड में कोविड-19 संक्रमण के दो हजार नए केस सामने आ चुके हैं, वहीं 13 लोगों की मौत हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 10 से 14 अप्रैल तक हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र में कोविड -19 से 1,700 लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समारोहों में से एक कोरोनोवायरस के मामलों में तेजी से बढ़ाने में योगदान दे रहा है।
मेला स्थल में पांच दिन में 2,36,751 कोरोना टेस्ट किया गया, इसमें से 1,701 कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं।
हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी शम्भू कुमार झा ने गुरुवार को कहा कि आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन टेस्ट दोनों में पांच दिन की अवधि में हरिद्वार से देवप्रयाग तक फैले पूरे मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं और विभिन्न अखाड़ों में साधु संतों की टेस्ट रिपोर्ट शामिल है।
उत्तराखंड में अभी तक पॉजिटिव केसों की कुल संख्या एक लाख 14 हजार के पार पहुंच गई है, तो मौतों का आंकड़ा भी 28 सौ के आसपास पहुंच गया है। रोज बड़े पैमाने पर केस सामने आने के बाद अस्पतालों में भी स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है, अधिकांश निजी हॉस्पिटल में बेड फुल हो चुके हैं. तो सरकारी अस्पताल भी अब हांफ़ने लगे हैं।
डीजी हेल्थ डॉ. तृप्ति बहुगुणा का कहना है कि एक बार फिर से डेडिकेटेड हॉस्पिटल को एक्टिवेट किया जा रहा है।
सबसे अधिक मामले चार जिलों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधमसिंहनगर से आ रहे हैं राजधानी देहरादून का क्षेत्र सबसे अधिक हॉटस्पॉट बना हुआ है। बुधवार को अकेले देहरादून से 796 नए मामले सामने आए, हरिद्वार से 525 नए केस आए।






















