★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{रईसी ने दो बार से राष्ट्रपति हसन रूहानी की लेंगे जगह,अति रूढ़वादी शख्सियत माने जाने वाले रईसी ईरान के हैं शीर्ष न्यायाधीश}
[ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु-नेता अयातुल्ला खामनेई के हैं बेहद क़रीबी और उन्होंने उम्मीदवार अब्दुल नासिर हेम्माती को बड़े अंतर से हराया]
♂÷ईरान के कट्टरपंथी नेता इब्राहीम रईसी को ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में बड़ी जीत मिली है। अब वो हसन रूहानी की जगह लेंगे।
ईरान में राष्ट्रपति पद के चुनाव में कट्टरपंथी नेता इब्राहीम रईसी ने आज यानी शनिवार को बड़ी जीत हासिल कर ली है। अब वो मौजूदा राष्ट्रपति हसन रूहानी की जगह लेंगे। हसन रूहानी 2013 में राष्ट्रपति बने थे और लगातार दो बार इस पद पर रह चुके हैं। हालांकि अब इब्राहीम रईसी को देश के नए राष्ट्रपति के रूप में चुना गया है।
बता दें कि ईरान के नए राष्ट्रपति बने इब्राहीम रईसी देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के कट्टर समर्थक और करीबी माने जाते हैं। अति-रूढ़िवादी विचार के शख्सियत माने जाने वाले रईसी ईरान के शीर्ष न्यायाधीश हैं। उन्हें साल 2019 में ईरान की न्यायपालिक का प्रमुख नियुक्त किया गया था। देश के इतिहास में सबसे कम हुआ मतदान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में सबसे कम मतदान हुआ है। रईसी ने राष्ट्रपति की दौड़ में एकमात्र उदारवादी उम्मीदवार अब्दुलनासिर हेम्माती को बहुत पीछे छोड़ दिया है। रईसी ने करीब एक करोड़ 78 लाख मत हासिल किए हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो शुरुआती नतीजों में मोहसिन रेजाई को 33 लाख वोट, अब्दुलनासिर हेम्माती को 24 लाख, जबकि आमिरहुसैन गाजीजादा हाशमी को 10 लाख वोट प्राप्त हुए हैं। उधर, खामेनेई द्वारा इब्राहीम रईसी के सबसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी को अयोग्य करार दे दिया गया था। इसके बाद रईसी को बड़ी जीत मिली है। आपको बता दें कि चुनाव में कट्टरपंथी नेता इब्राहीम रईसी की उम्मीदवाई की वजह से ईरान में मतदाता वोटिंग के प्रति उदासीन नजर आए। यही नहीं पूर्व कट्टरपंथी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद समेत ने कई ने तो इस चुनाव का बहिष्कार तक कर दिया। हेम्माती और रेजाई ने रईसी को दी शुभकामनाएं वहीं, इस जीत के लिए ईरान के सेंट्रल बैंक के पूर्व प्रमुख हेम्माती और पूर्व रेवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर मोहसिन रेजाई ने इब्राहिम रईसी को शुभकामनाएं दी हैं।
हेम्माती ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा कि उम्मीद करता हूं कि आपका प्रशासन ईरान के इस्लामी गणराज्य को गर्व महसूस करने लायक बनाएगा और महान राष्ट्र ईरान के कल्याण के साथ जीवन और अर्थव्यवस्था में सुधार करेगा। रईसी पर पहले से ही लगा है अमेरिकी प्रतिबंध आपतो बता दें कि इब्राहीम रईसी पर अमेरिकी प्रतिबंध लगा हुआ है।
दरअसल, उन पर यह प्रतिबंध साल 1988 में राजनीतिक कैदियों की सामूहिक हत्या और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना झेलने वाली ईरानी न्यायपालिका के मुखिया के तौर पर लगाया गया था। ऐसे में रईसी ऐसे पहले ईरानी राष्ट्रपति होंगे, जिन पर सत्ता ग्रहण करने से पहले ही अमेरिकी प्रतिबंध लग चुका है।






















