★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
कम्पनी के द्वारा घायल नाबालिग श्रमिक का ईलाज न कराने, भुगतान न देने व नाबालिगों से काम कराने के मामलें में जिलाधिकारी के आदेश पर कम्पनी के ख़िलाफ़ हुआ केस दर्ज
♂÷उत्तरप्रदेश के गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने अप्रवासी नाबालिग श्रमिक आयुष कुमार को आर्थिक सहायता के रूप में एक लाख की आर्थिक मदद चेक के रूप में प्रदान की।
मालूम हो कि ग्रेटर नोयडा में गत सोमवार को श्रम बन्धु की संपन्न हुई बैठक में सीटू जिला महासचिव राम सागर द्वारा मैसर्स- एस वी मेटल्स एंड एक्सटूजंन प्राइवेट लिमिटेड, ई-108 साइड बी यूपीएसआईडीसी, ग्रेटर नोएडा के प्रबंधकों द्वारा श्रम कानूनों का उल्लंघन करने और नाबालिक प्रवासी श्रमिक आयुश कुमार से पावर प्रेसऑपरेटर का कार्य करवाने की वजह से उक्त श्रमिक का बायां हाथ पावर प्रेस मशीन की चपेट में आ गया। जिसके चलते उसके हाथ की चारों उंगली कट गई थी।
मालिक ने उसका पूरा इलाज भी नहीं कराया और उक्त नाबालिग श्रमिक की माह अप्रैल की कमाई हुई धनराशि का भी भुगतान नही किया। जिसके चलते उक्त प्रवासी श्रमिक ना तो अपना सही से इलाज करा पा रहा था और ना ही उसके पास खाने पीने के लिए पैसे थे।
जिसको गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने उप श्रम आयुक्त व उप कारखाना निर्देशक को प्रबंधकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए। बैठक में श्रमिक की स्थिति को देखते हुए एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने श्रमिक को आर्थिक मदद के रूप में एक लाख मुहैया कराने की घोषणा की थी।
आज मंगलवार को जिला अधिकारी मनीष वर्मा के हाथों घायल श्रमिक को एक लाख की आर्थिक मदद चेक के रूप में दी गयी।
इस मौके पर एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन व वरिष्ठ पदाधिकारी नीरू शर्मा,श्रम प्रवर्तन अधिकारी सुरेश सिंह, सीटू नेता रामसागर, मुकेश कुमार राघव मौजूद रहे।
सीटू जिला कमेटी गौतम बुध नगर की ओर से जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने पीड़ित श्रमिक की मदद करने के लिए जिलाधिकारी मनीष वर्मा ,एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन व उनकी टीम का आभार व्यक्त किया।




