(राजेश बैरागी)
(गौतम बुद्ध नगर)
क्या एक सप्ताह पहले आज ही के दिन नोएडा में हिंसक हुए श्रमिकों के आंदोलन के बाद पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को लेकर उद्यमियों और श्रमिकों में भय और अविश्वास का माहौल बन गया है?
यही नहीं बढ़े हुए वेतन का भुगतान करने के लिए जहां उद्यमियों को मानसिक रूप से तैयार किया जा रहा है वहीं बढ़े हुए वेतन से भी असंतुष्ट श्रमिकों को पुलिस प्रशासन शांतिपूर्वक इस निर्णय को स्वीकार करने के लिए तैयार कर रहा है।
नोएडा श्रमिक आंदोलन के बाद प्रशासन के लिए बढ़े वेतनमान को लागू कराना चुनौती बना हुआ है। फैक्ट्री संचालकों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए वेतन वृद्धि को उद्योगों के अस्तित्व के लिए खतरा बताया जा रहा है। इससे आशंका बनी हुई है कि अगले महीने उद्यमी इस महीने का वेतन वृद्धि के साथ भुगतान करेंगे अथवा नहीं।इसी प्रकार श्रमिकों द्वारा वेतन में की गई 21 प्रतिशत वृद्धि को स्वीकार किया जाएगा अथवा नहीं,इसे लेकर भी आशंकाएं कम नहीं हैं। अभी पुलिस प्रशासन की शक्ति से शांति बनी हुई है और औद्योगिक इकाइयों में पहले जैसा कामकाज चालू भी हो गया है। परंतु इस शांति का असल परीक्षण आगामी 1 मई को मनाए जाने वाले श्रमिक दिवस तथा उसके बाद एक से दस मई के बीच वेतन भुगतान के दौरान होगा। पुलिस प्रशासन के अधिकारी इस परीक्षण के खराब परिणाम को टालने के लिए उद्यमियों से क्षेत्रवार बैठकें कर रहे हैं, वहीं कंपनी कंपनी जाकर श्रमिकों का मन टटोलने के साथ उन्हें सरकार द्वारा बढ़ाए गए वेतन को स्वीकारने के लिए तैयार कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि पुलिस प्रशासन के अधिकारी जहां श्रमिकों को यह वेतन वृद्धि अंतरिम बताकर भविष्य में और वेतन वृद्धि होने की संभावना के प्रति धैर्य रखने के लिए कह रहे हैं वहीं उद्यमियों से फिलहाल बढ़े हुए वेतन का भुगतान करने तथा अपनी समस्या से सरकार को अवगत कराने के लिए कह रहे हैं।आज कासना स्थित यूपीसीडा के क्षेत्रीय कार्यालय में क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुमार शर्मा व वरिष्ठ प्रबंधक सिविल एन के जैन के साथ डीसीपी ग्रेटर नोएडा डॉ प्रवीण कुमार सिंह, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र तथा अपर श्रमायुक्त ने यूपीसीडा क्षेत्र के उद्यमियों संग बैठक की। अधिकारियों ने उद्यमियों से इस नाजुक समय में विश्वास बहाली के लिए वेतन वृद्धि लागू करने, किसी श्रमिक को काम से न हटाने तथा श्रमिकों के साथ संवाद स्थापित करने का आह्वान किया। उद्यमियों ने भी इस समय औद्योगिक इकाइयों में पुलिस प्रशासन द्वारा श्रमिकों के अलावा अन्य किसी कमी या समस्या को लेकर जांच आदि न करने की मांग की। बैठक में अधिकारियों ने आगामी एक मई को मजदूर दिवस तथा उसके बाद वेतन भुगतान के दौरान पूरी तरह शांति बनाए रखने की अपील की। उल्लेखनीय है कि नोएडा में हिंसक श्रमिक आंदोलन के बाद पुलिस और प्रशासन के लोग कंपनी कंपनी जाकर श्रमिकों तथा प्रबंधन के साथ वार्ता कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में कल रविवार को छुट्टी के दिन एक पुलिसकर्मी द्वारा किसी कंपनी के प्रबंधन को बुलाकर जांच किए जाने का मामला सामने आया।इसी प्रकार कारखाना विभाग द्वारा एक कंपनी के ढांचे को लेकर सवाल जवाब किए गए। श्रमिक आंदोलन से जूझ रहे फैक्ट्री संचालकों को यह घटनाएं नागवार गुजरीं। इंडियन बिजनेस एसोसिएशन के पदाधिकारी अमित उपाध्याय सहित सभी उद्यमियों ने इन घटनाओं को लेकर विरोध दर्ज कराया जिसपर अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लेकर समाधान करने का आश्वासन दिया।



