(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
मुख्यमंत्री ने कहा विपक्ष का पर्दाफाश करने के लिए महायुति के सभी दल करेंगे राज्यव्यापी आंदोलन
राहुल गांधी पर हमलावर फडणवीस ने कहा कि झूठ बोलने की कोई प्रतियोगिता होती तो वह जीतते स्वर्ण पदक
डॉ अम्बेडकर महिलाओं के आरक्षण के प्रबल समर्थक थे लेकिन विपक्ष ने इसे ख़ारिज कर उनके विचारों के साथ किया अन्याय कहा मुख्यमंत्री ने
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संसद में जिन विपक्षी दलों ने वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन और जनगणना के आधार पर लागू करने पर सहमति जताई थी, वही अब एनडीए के पास दो-तिहाई बहुमत न होने का फायदा उठाकर अपने रुख से पलट गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने विधेयक के खिलाफ मतदान कर महिलाओं के लोकसभा में भागीदारी के अधिकारों का हनन किया है।
उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को संसद में जो हुआ, वह देश के इतिहास में “काला दिवस” के रूप में दर्ज हो चुका है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि महिलाओं के अधिकारों के साथ ऐसा ही व्यवहार जारी रहा, तो राज्यभर में व्यापक जनमत तैयार कर विपक्ष को झुकने पर मजबूर किया जाएगा।

फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र में इस विधेयक के समर्थन में एक करोड़ महिलाओं के हस्ताक्षर जुटाने का अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, महायुति के सभी दल मिलकर कांग्रेस, शरद पवार गुट और अन्य विपक्षी दलों के “महिला विरोधी चेहरे” को उजागर करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित संवैधानिक संशोधन के अनुसार महिला आरक्षण को लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन आवश्यक है। कोविड-19 के कारण जनगणना प्रक्रिया में देरी हुई, लेकिन अब 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कर 2029 तक महिला आरक्षण लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि संसद में प्रस्तुत विधेयक अचानक नहीं लाए गए, बल्कि 2023 के संशोधन के अनुरूप ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। फडणवीस के अनुसार, सीटों की संख्या बढ़ाने से किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा, बल्कि सभी को समान प्रतिनिधित्व मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर महिलाओं, अनुसूचित जाति और जनजाति के अधिकारों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि यदि “झूठ बोलने की कोई प्रतियोगिता होती, तो वे स्वर्ण पदक जीतते।”
साथ ही उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी नई हैं और संभवतः उन्हें विधेयक की पूरी जानकारी नहीं दी गई, इसलिए उनके बयान को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।
फडणवीस ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर महिलाओं के आरक्षण के प्रबल समर्थक थे और वर्तमान विधेयक उनके विचारों के अनुरूप है, लेकिन विपक्ष ने इसे खारिज कर उनके विचारों के साथ भी अन्याय किया है।
उन्होंने अंत में कहा कि 2029 तक महिला आरक्षण लागू होगा और देश की महिलाएं इस मुद्दे पर विपक्ष को जवाब देंगी।




