(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा नारी शक्ति ने देखा: सीमा द्विवेदी
अपनी खोटी नीयत का ठीकरा विपक्ष के सिर फोड़ रही सरकार: प्रिया सरोज
शुक्रवार को केन्द्रीय क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा लोकसभा में मातृ शक्ति वंदन के तहत महिला आरक्षण बिल पेश किया था जिस पर शनिवार को सदन में विपक्ष के भारी हंगामे और विरोध के चलते यह बिल मोदी सरकार पास नही करा सकी है।
अब एक तरफ़ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर सभी दिग्गज़ मंत्रियों, नेताओं और ख़ासकर महिला सांसदों ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विपक्ष को महिला विरोधी बताते हुए सियासी बयानबाजी के साथ ही बीजेपी सड़को पर भी उतर रही है तो वहीं विपक्ष भी सवाल दाग रहा है कि मोदी सरकार चुनावी लाभ के लिए जानबूझकर बिल को लाकर चुनाव में महिलाओं को भ्रमित कर वोट लेना चाहती है।
उधर भारतीय जनता पार्टी से राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि मोदी सरकार ने यह लोग नहीं चाहते कि सदन में जागरूक महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़े और वह भी महिलाओं की आवाज़ उठाएं उनके लिए, सभी के लिए क़ानून बनाने में अपना योगदान दे।
दशकों तक कांग्रेस और उनके साथ सत्ता में भागीदार रहने वाले दल आज तक देश की आधी आबादी को देश के सर्वोच्च सदन में संवैधानिक शक्ति और राजनीतिक योगदान नहीं दे सके हैं और यह महान कार्य मोदी सरकार करने के बिल लाई तो उसका विरोध कर उसको पास नहीं करा कर अपना महिला विरोधी चेहरा सामने लाने के काम किया है।
नारी शक्ति अपना यह अपमान नही भूलने वाली है वह अपने वोट की ताकत से इन महिला विरोधियों को तगड़ी चोट देने से पीछे नहीं हटेगी।

मछलीशहर सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने सरकार पर हमलावर होते हुए कहा है कि वह सिर्फ़ चुनावी लाभ लेने के लिए बगैर किसी तैयारी के यह बिल सदन में लेकर आ गई, जो कि की गिरना ही था अपनी कमी और खोटी नीयत का ठीकरा विपक्ष के सिर पर फोड़कर महिलाओं की सहानुभूति लेना चाहते हैं किन्तु देश की नारी शक्ति सब समझती है।
सांसद ने मोदी सरकार से सवाल किया कि अगर उनकी नीयत महिलाओं को सदन में वास्तविक प्रतिनिधित्व देने की रहती तो वर्तमान 543 सीटों के अनुपात में नारी शक्ति के लिए सीट आरक्षित करने के लिए बिल क्यों नहीं लाए और साथ ही देश के बड़े अल्पसंख्यक मुस्लिम वर्ग की महिलाओं को इन्होंने सिरे से इस बिल में आरक्षण के तहत नहीं रखा है।
हमारे नेता अखिलेश यादव ने पुरजोर तरीके से सदन सरकार की नीति और नियत की कलई खोल कर रख दो है और उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी क्षेत्रों में पिछड़ी मुस्लिम महिलाओं को भी इस बिल में लाभ दिजिए।




