(मनीष खरे)
(छत्तरपुर)
आरोपियों को बचाने १० लाख की डील करने वालों में भी खलबली
राजेश अग्रवाल मौत मामले में न्याय की मांग और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर ओरछा रोड थाना पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इस संवेदनशील मामले में आरोप हैं कि मृतक को सट्टे और MCX के मायाजाल में फंसाकर, कर्ज के दलदल में धकेलने और आत्महत्या के लिए विवश करने वाले मुख्य सूत्रधारों की तलाश में पुलिस की कई विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब मुख्य आरोपी की छतरपुर और जबलपुर स्थित बेहिसाब संपत्तियों का ब्यौरा खंगाल रही है। सोशल मीडिया पर शरद अग्रवाल के १० करोड़ से अधिक की लागत वाले आलीशान बंगले के वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। जनचर्चा है कि यह अकूत संपत्ति किसी वैध व्यापार से नहीं, बल्कि गैरकानूनी रूप से चलाए जा रहे MCX डिब्बा कारोबार की काली कमाई से खड़ी की गई है। पुलिस अब इस वित्तीय और अवैध कारोबार के एंगल पर भी गहराई से तफ्तीश कर रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच शहर के गलियारों में एक बेहद गंभीर और शर्मनाक चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। सूत्रों के अनुसार, वारदात के ठीक बाद शहर के कुछ तथाकथित सफेदपोश इन सटोरियों और अपराधियों की ढाल बनकर सक्रिय हो गए थे। चर्चा है कि इन सफेदपोशों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय, अपनी ही बिरादरी के रसूखदार आरोपियों को बचाने के लिए १० लाख रुपये में पुलिसिया कार्रवाई और FIR न होने देने का बकायदा ठेका ले लिया था। दावों के मुताबिक, इस डील की मोटी रकम का भुगतान भी ले लिया गया था। अब जब पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए मामला दर्ज कर लिया है, तो शहर की जनता के बीच इन स्वयंभू ठेकेदारों की भूमिका को लेकर तीखे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर चंद रुपयों की खातिर इन बंधुओं ने अपराधियों को संरक्षण देने का घिनौना खेल क्यों खेला? जबकि शहर के अग्रवाल समाज के कुछ लोगों , पत्रकारों और समाजसेवियों ने चंदा कर मृतक के परिजनों को आर्थिक मदद कर जरूर राहत दी और अभी भी मृतक के परिजनों की मदद के लिए जुटे हुए हैं।
ओरछा रोड थाना प्रभारी दीपक यादव ने बताया कि इस सनसनीखेज मामले में अब तक एक आरोपी रोहित पटैरिया को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। वहीं, शेष मुख्य आरोपी शरद अग्रवाल, सुरेश नगरिया, कल्लू कलई, अनवर खान और मोनू अग्रवाल अभी भी फरार चल रहे हैं, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उधर, रसूखदार आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी को देखते हुए शहर के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया पर पुलिस अधीक्षक छतरपुर से फरार आरोपियों पर तत्काल उचित इनाम घोषित करने की पुरजोर मांग की जा रही है, ताकि इन सफेदपोश अपराधियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके.




