(आलोक तिवारी)
(मथुरा)
निर्माणाधीन एसटीपी का मंडलायुक्य ने किया निरीक्षण और अधीनस्थों को दी सख़्त चेतावनी
नमामि गंगे योजना के उ जनपद में चल रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण कार्यों को लेकर मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
उन्होंने वृंदावन, छाता और कोसी कलां में निर्माणाधीन एसटीपी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कमिश्नर ने कार्यों में मिली खामियों पर न केवल अधिकारियों को फटकार लगाई, बल्कि भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के कड़े निर्देश दिए।
कमिश्नर के निरीक्षण की शुरुआत वृंदावन एसटीपी से हुई, जो 13 एमएलडी क्षमता का है। यहाँ 13 में से 11 नालों को पूर्व में ही टैप किया जा चुका है। कमिश्नर ने निरीक्षण के दौरान पिलर और प्लिंथ में ‘हनी काॅम्बिंग’ (सीमेंट की परत में छिद्र) मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल प्रभाव से निर्माण की गुणवत्ता सुधारने, भवन की फिनिशिंग और सीढ़ियों पर लगी टाइल्स में गैप को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि इस प्लांट का 15 वर्षों तक रखरखाव कार्यदायी संस्था द्वारा ही किया जाना है।
छाता में 6 एमएलडी क्षमता वाले प्रस्तावित एसटीपी का निरीक्षण करते हुए मंडलायुक्त ने निर्माण की धीमी गति (13 प्रतिशत) पर चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना स्थल सुनसान होने के कारण एक अभियंता की तैनाती स्थायी रूप से की जाए।
उपजिलाधिकारी छाता साप्ताहिक रूप से कार्यों की समीक्षा करें।
यमुना नदी की बाढ़ से बचाव हेतु रिटेनिंग वॉल का निर्माण अनिवार्य रूप से किया जाए। परियोजना का संपूर्ण कार्य दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण हो।
कोसी कलां में निर्माणाधीन 12 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी की भौतिक प्रगति 42.65 प्रतिशत पाई गई। मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु आने से पूर्व सभी भूमिगत कार्य (underground work) पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने परियोजना को जुलाई 2026 तक पूरा कर ट्रायल शुरू करने का कड़ा निर्देश दिया है।
कमिश्नर नगेन्द्र प्रताप ने एसटीपी से निकलने वाले शोधित जल के सदुपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि इस जल का उपयोग वनों की सिंचाई, स्थानीय कुंडों और तालाबों को भरने में करने के लिए शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने हेतु एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।
इस दौरान संयुक्त विकास आयुक्त उमेशमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी सी. पी. सिंह, जलनिगम ग्रामीण के परियोजना प्रबंधक रविंद्र प्रताप सिंह और उपजिलाधिकारी वैभव गुप्ता समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



