★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{रहस्यमय देश उत्तर कोरिया की जेल में काम कर चुकी लिम हाई जिम ने बताई थी इन जेलों की सच्चाई}
[लिम ने कहा था कि एक महिला कैदी ने रेप के बाद ख़ुद को जला डाला था,गार्ड्स को मिलते है निर्देश की वो कैदियों को समझे जानवर]
(बिना नागा कैदियों से करवाये जाते है प्रतिदिन 16 घण्टे काम,कितने कैदियों ने भूख से तड़पकर तोड़ डाले है दम इन जेलों में)
♂÷अक्सर नॉर्थ कोरिया के बारे मे कई तरह की रहस्मय बातें सुनी है,इस बार यहां के जेल में काम कर चुकीं गार्ड ने इन जेलों की घिनौनी सच्चाई दुनिया के सामने लाई है। इंटरनेशनल कोर्ट के एक पूर्व जज ने नॉर्थ कोरिया के जेलों में क्रूरता की बात कही है। उन्होंने बताया है कि किस हद तक इन जेलों में बंद लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार होता है।

इंटरनेशल कोर्ट ऑफ जस्टिस के पूर्व जज Thomas Buergenthal ने बताया कि उन्होंन बचपन में नाजी जेलों में रहकर देखा है। उनका मानना है कि इस समय की नॉर्थ कोरियाई जेल उन जेलों से भी बदतर हैं।
हालांकि नॉर्थ कोरिया का कहना है कि ये कैंप अब नहीं चल रहे। जबकि सैटेलाइट तस्वीरों में इन्हें अब भी साफ तौर पर देखा जा सकता है।
गौरतलब है कि नॉर्थ कोरिया दुनिया का सबसे रहस्यमय देशों में से एक है। खबरें आती रहती हैं कि यहां की जेलों में इंसानियत की सारें हदें पार कर दी जाती हैं। कुछ समय पहले ही नॉर्थ कोरिया के जेल में गार्ड का काम कर चुकीं लिम हाई-जिन ने मीडिया के सामने इन जेलों की घिनौनी सच्चाई बताई थी।
लिम ने बताया कि उसने चीन के बॉर्डर के पास बने कैम्प 12 में 17 साल की उम्र से गार्ड की नौकरी करना शुरू किया था। इस कैंप में उसने करीब 7 सालों तक काम किया था। लिम ने बताया था कि इन जेलों में काम करने वाले गार्ड्स महिला कैदियों के साथ रेप करते हैं। एक बार उन्होंने अपनी आंखों के सामने एक महिला कैदी को जिन्दा जलते देखा था।
लिम ने अपने खुलासे में बताया कि यहां जेल में काम करने वाले गार्ड्स को ये निर्देश दिए जाते हैं कि कैदियों को इंसान नहीं जानवर समझें। उन्होंने जेल में कैदियों को भूख से तड़पकर मरते हुए भी देखा। इन जेलों में कैदियों को सुबह 5 बजे उठा दिया जाता है। उसके बाद इनसे लगातार 16 घंटे काम करवाया जाता है। इन्हें एक दिन की भी छुट्टी नहीं दी जाती है।
यही नहीं, नॉर्थ कोरिया की एक आर्मी नर्स ने बताया था कि औरतों के अबॉर्शन के लिए उनके गर्भाश्य में मोटर ऑयल डाल दिया जाता है। अगर किसी से कोई गलती हो जाए, तो उन्हें भूखा रखा जाता है। नार्थ कोरिया के इन जेलों, जिसे लेबर कैंप भी कहते हैं, वहां करीब 2 लाख से ज्यादा लोग बंद हैं।






















