★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{चेक बाउंस होने पर एक माह में प्रदाता को भेजे लीगल नोटिस,15 दिन में मिली रकम तो मामला ख़त्म}
[गर नही मिला जवाब तो चेक प्रदाता के ऊपर धारा 138 के तहत कोर्ट दोगुने रकम दिलवाने के साथ दे सकता है दो साल की क़ैद]

♂÷कई बार आप किसी ने कैश लेने की जगह उससे चेक ले लेते है। बैंक का नियम है कि जब भी आप किसी का चेक लगते है तो सामने वाले के खाते में उतना पैसा होना चाहिए जितनी राशी उसने चेक में डाली है। यदि ऐसा नहीं होता है तो चेक बाउंस हो जाता है। चेक बाउंस होने पर बैंक आपको एक स्लिप देती है जिसमें चेक बाउंस होने का कारण लिखा होता है।
चेक बाउंस होने पर आपको एक महीने के अंदर चेक जारी करने वाले को नोटिस भेजना होता है। इस नोटिस में उससे 15 दिन के अंदर पैसा देने के लिए कहा जाता है। नोटिस में कहा जाता है कि वह 15 दिन के अंदर आपकी राशी आपको दे दें। यदि वह आपको 15 दिनों में राशि दे देता है तो मामला यही सुलझ जाता है।
यदि चेक जारी जारी करने वाला 15 दिन में आपका पैसा नहीं लौटाता है या लीगल नोटिस का जवाब नहीं देता है तो आप उसके खिलाफ केस भी फाइल कर सकते है। आप निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 की धारा 138 के तहत सिविल कोर्ट में केस फाइल कर सकते हैं। इसके तहत आरोपी को 2 साल की सजा और जुर्माना दोनों हो सकता है,जुर्माने की राशि चेक की राशि का दोगुना हो सकती है।






















