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(मुकेश सेठ)
(मुंबई)

बॉलीवुड स्टार सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान मर्डर केस में आदित्य ठाकरे के खिलाफ जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस की बेंच३१ जुलाई को करेगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट लिटीगेशन एसोसियेशन नामक संस्था ने मुंबई उच्च न्यायालय में गत सितंबर को इस केस के बाबत दायर की थी याचिका

शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे की परेशानी बढ़ सकती है क्योंकि मुंबई उच्च न्यायालय में दायर एक याचिका पर आगामी ३१ जुलाई को बॉलीवुड स्टार सुशांत सिंह राजपूत और उनकी मैनेजर दिशा सालियान की असामयिक मौत मामले की सुनवाई मुंबई हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस की बेंच सुनवाई करने जा रही है।

यह मामला 31 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र उपाध्याय और न्यायमूर्ति अमित बोरकर की डिवीजन बेंच के समक्ष एसआर नंबर 12 पर सूचीबद्ध है।
इन दोनों हाई प्रोफाइल बॉलीवुड हस्तियों की मौत की जाँच करने वाली सीबीआई और राज्य पुलिस को अपनी रिपोर्ट पेश करनी है और दोनों मामलों में जांच में प्रगति के बारे में उच्च न्यायालय को बताना है।
विदित हो कि यह याचिका सितंबर २०२३ में ‘सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट और लिटिगेंट्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष राशिद खान पठान के माध्यम से दायर की गई है।
उक्त जनहित याचिका दायर करने के बाद महाराष्ट्र शासन के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एसआईटी का गठन किया था।
इस स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम में एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजीव जैन, डीसीपी अजय बंसल और सीनियर पीआई चिमाजी आधव शामिल थे। याचिका कार्यकर्ताओं ने उक्त सीनियर पीआई चिमाजी आधव की ईमानदारी पर संदेह जताया था, क्योंकि उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर दिशा सालियन की मौत के सीन का रीक्रिएशन नहीं किया और पर्याप्त सबूत होने के बावजूद आज तक एफआईआर दर्ज नहीं की है।
सीनियर पीआई के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं कि वह आरोपी पूर्व मंत्री, शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
दिशा सालियन मामले में, मालवणी पुलिस स्टेशन के पहले के जाँच अधिकारी पर जांच का जाली रिकॉर्ड बनाने का भी आरोप लगा हुआ है। इसलिए सुधीर वोरा बनाम पुलिस आयुक्त, मुंबई 2004 Cr. l. J. 2278 में बॉम्बे HC के फैसले के अनुसार, उक्त पुलिस स्टेशन से जुड़े किसी भी पुलिस अधिकारी द्वारा जांच नहीं की जा सकती है।
उस दिन हाईकोर्ट में जनहित याचिका और तीन अंतरिम आवेदनों पर सुनवाई होगी । चूंकि आदित्य ठाकरे द्वारा भरा गया हलफनामा झूठा और तुच्छ था, इसलिए याचिकाकर्ता रशीद खान पठान, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट लिटिगेशन एसोसिएशन के अध्यक्ष ने आदित्य ठाकरे और उनके वकील के खिलाफ अवमानना ​​और झूठी गवाही के तहत कार्रवाई करने के लिए एक आवेदन दायर किया था।
मालूम हो कि सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान की मौत को मर्डर बताने और इसमें उस समय के एक प्रभावशाली कैबिनेट मंत्री का हाथ होने तक का दावा बीजेपी विधायक नितेश राणे करते आ रहे हैं और वह यह भी कहते हैं कि वक्त आने पर वह इस संदर्भ में कोर्ट और जाँच एजेंसी को सबूत भी देंगे।
कुल मिलाकर आने वाले दिनों में एक बार फिर से महाराष्ट्र की राजनीति में इस घटनाक्रम के बाद सियासी उबाल आने वाला है तो वहीं बीजेपी निश्चित रूप से आगामी विधानसभा चुनाव में इसका लाभ लेने के लिए यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे पर हमलावर रहेगी।
देखना दिलचस्प रहेगा कि यूबीटी शिवसेना इस अदालती और सियासी संघर्ष को किस तरीके से बचकर निकलते हुए अपने सियासी शत्रुओ पर बढ़त बना पाती है या फिर?

By Mukesh Seth

Chief Editor

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