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![[Google / रुबाइयां लिखने वाले फारसी कवि उमर खय्याम का गूगल ने बनाया डूडल, मनाया 971वां जन्मदिन] Google dedicates special doodle to Omar Khayyam on his birthday](https://aeimages.bhaskar.com/thumbnails/730x548/web2images/www.bhaskar.com/2019/05/18/0521_bvbbvcxbvcxbvc.jpg)
उमर खय्याम ने ज्यामिति बीजगणित की स्थापना कीखय्याम ने इस्लामिक ज्योतिष को नई पहचान दी
नेशनल डेस्क . गूगल ने शनिवार को फ़ारसी गणितज्ञ, कवि और खगोलशास्त्री उमर खय्याम का 971 वां जन्मदिन पर डूडल बनाया। खय्याम कई गणितीय और वैज्ञानिक खोजों के लिए जाने जाते हैं। उनका जन्म 18 मई 1048 को उत्तर पूर्वी ईरान के निशाबुर (निशापुर) में ग्यारहवीं सदी में हुआ था। उन्होंने ज्यामिति बीजगणित की स्थापना भी की। खय्याम ने अल्जेब्रिक समीकरणों के ज्यामितीय हल प्रस्तुत किए। खय्याम ने कई रुबाइयां लिखीं, जो कि आज भी पसंद की जाती हैं। उनकी लिखी हुई किताब ‘रुबायत ऑफ उमर खय्याम’ विदेशों में बहुत प्रसिद्ध है।
खय्याम ने समय देखने का तरीका भी बदला
- उमर खय्याम क्यूबिक इक्वेशन्स को सॉल्व करने के लिए एक सामान्य तरीका बनाने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्होंने कॉनिक्स के इंटरसेक्शन के जरिए जियोमेट्रिक सल्यूशन दिए। इसके अलावा खय्याम ने इस्लामिक ज्योतिष को नई पहचान दी। उन्होंने जलाली संवत या सेल्जुक संवत की शुरुआत की। खय्याम को जलाली कैलेंडर के लिए भी जाना जाता है, जिसे उन्होंने करीब-करीब 33-वर्ष के इंटरकैलेशन साइकल के साथ तैयार किया।
- उमर खय्याम कविता और छंदों के लिए भी प्रसिद्ध थेउमर खय्याम ने एक हजार से ज्यादा ‘रुबैये’ या छंद लिखे हैं। ‘उमर खय्याम का रुबैये’ नाम की किताब उनकी मौत के बाद प्रसिद्ध हुई। अपने समय के सबसे प्रसिद्ध विद्वानों में से एक, ख्यायम ने खुरासान प्रांत में मलिक शाह के सलाहकार और ज्योतिषी के रूप में काम किया।
- ईरान के शाह खय्याम की मौत की बाद कब्र से ले गए थे अवशेष83 वर्ष की आयु में 4 दिसंबर 1131 को खय्याम की मृत्यु हो गई। 1963 में, ईरान के शाह ने खय्याम की कब्र को खोदने का आदेश दिया और उनके अवशेष निशापुर (ईरान) के एक मकबरे में ले गए, जहाँ पर्यटक उनके सम्मान का भुगतान कर सकें।
