लेखक-राजेश बैरागी मैंने इस पोस्ट को पाठकों तक भेजने के लिए आज मध्यरात्रि की प्रतीक्षा की।मेरे सहित आपातकाल 1975 के साक्षी जो लोग वर्तमान में जीवित हैं, उन्हें उस आपातकाल और वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करने का स्वयंसिद्ध सांविधानिक अधिकार है। मैं 26 जून 1975 के दिन पांच वर्ष चार माह और […] Read more
स्मृतिलेखन – के. विश्वदेव राव उन दिनों (1976-77) दिल्ली की तिहाड़ जेल के वार्ड सत्रह में जार्ज फर्नांडिस तथा 23 अन्य के साथ पिताजी नजरबन्द थे। सी०बी०आई० की चार्जशीट में लगी धाराओं के अनुसार उन्हें सजाये-मौत होनी थी। केस का नाम था बरोदा डायनामाइट केस| पुलिसिया आकलन में बड़ौदा डाइनामाईट केस के सभी अभियुक्तों को […] Read more
(मुकेश सेठ)(मुम्बई) बिजली दिए जाने की मांग को लेकर लोगो ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर दिया ज्ञापन उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा, हिंडन नदी पुस्ता के इर्द-गिर्द बसी कालोनी कुलेसरा, सुत्याना, हल्द्वानी, जलपुरा,लखनावली आदि कॉलोनी के निवासियों ने विद्युत कनेक्शन दिए जाने की मांग को लेकर आज जिलाधिकारी कार्यालय सूरजपुर […] Read more
(मुकेश सेठ)(मुम्बई) ✓ नागरिकों के मौलिक अधिकारों के साथ ही न्यायालय के अधिकारों को भी कांग्रेस ने बंधक बनाकर रख दिया थाः आदित्यनाथ ✓ कभी मीडिया को प्रतिबंधित करके तो कभी अन्य तरीके से लोकतंत्र के सभी स्तंभों को कमजोर करने का किया गया प्रयास कहा मुख्यमंत्री ने ✓ इमरजेंसी में जिन लोगों ने जेल […] Read more
स्मृतिलेख – डॉ. के. विक्रम राव तब तक देश पर आपातकाल थोपे एक साल गुजर चुका था। अर्थात् यह 48 वर्ष पूर्व की बात है। हम लोग तिहाड़ जेल में बहस करते थे कि यदि इन्दिरा गांधी प्रधान मंत्री पद छोड़ देंती। इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय मान कर रायबरेली से अपने रद्द किये गये […] Read more