Tag: Amit Singhal

विदेश मंत्री एस जयशंकर की अमेरिकी यात्रा और अमेरिकी NSA सुलिवन का भारत आना है वर्ल्ड पॉलिटिक्स में खिलेंगे तगड़े गुल!

लेखक-अमित सिंघल अमेरिका में वर्ष के तीन सप्ताह या कालखंड ऐसे होते है जब कोई भी विदेशी उच्चाधिकारी (कम से कम कैबिनेट मिनिस्टर) सामान्यतः अमेरिका नहीं आता है। यह तीन…

भारत सरकार को भी स्थापित करना चाहिए “सत्य और सुलह आयोग “

लेखक- अमित सिंघल अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में यह माना जाता है कि सरकार या किसी अन्य गैर-सरकारी समूह द्वारा किसी एक समुदाय पर अतीत में किये गए नृशंस अपराधों की जांच…

मोदी सरकार देती है जैसे को तैसा जवाब

लेखक- अमित सिंघल 19 दिसंबर को राज्य सभा में अमेरिकी संसद एवं अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) – दोनों अलग संस्थाए है – की रिपोर्ट जिसमें भारत के मानवाधिकार रिकॉर्ड,…

नौकरी के मामले में निजी क्षेत्र के बैंको ने सरकारी क्षेत्र को छोड़ दिया पीछे

लेखक-अमित सिंघल मनमोहन सिंह सरकार की शुरुवात में, वर्ष 2004-05, भारत में सभी बैंको – सरकारी एवं निजी – में कुल 8,58,560 कर्मचारी थे। वर्ष 2014-15 में यह संख्या बढ़कर…

यही राहुल- खड़गे का “मानवाधिकार” है

लेखक-अमित सिंघल राज्य सभा एवं लोक सभा में विपक्ष के नेता, मल्लिकार्जुन खड़गे एवं राहुल गाँधी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के सेलेक्शन के बारे में अपनी…

बैंक लोन को डकारने वालों के हलक से निकाल रही हैं रकम मोदी सरकार

लेखक- अमित सिंघल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने 17 दिसंबर को लोक सभा में जानकारी दी कि विजय माल्या मामले में 14,132 करोड़ रुपये की माल्या की संपत्ति की कुर्की…

पाकिस्तानी समुदाय में चचेरे भाई बहनों के निकाह पर चुप्पी भयावह!

लेखक- अमित सिंघल ब्रिटेन के 15 दिसंबर के संडे टाइम्स में में भयावह समाचार छपा है। पाकिस्तानी मूल के मैथ्यू सैयद लिखते है कि पाकिस्तानी समुदाय में चचेरे भाई-बहनों की…

सीरिया में हुआ सत्ता परिवर्तन देश और दुनिया के लिए अच्छा है या बुरा!

लेखक- अमित सिंघल पिछले दो दशक में विदेशी हस्तक्षेप द्वारा फोर्स किए गए सत्ता परिवर्तन के बाद अफगानिस्तान, यमन, इराक, लीबिया, सूडान इत्यादि राष्ट्रों में आज क्या स्थिति है? क्या…

पिछले दो दशक में बदल गया है विश्व का सामरिक परिप्रेक्ष्य

लेखक-अमित सिंघल कई बार हम घरेलु और जीवनयापन सम्बंधित समस्याओं से जूझने में इतना व्यस्त रहते है कि वृहद परिदृश्य की अनदेखी कर जाते है। यह अब स्पष्ट है कि…

मसला राहुल गाँधी की दोहरी नागरिकता का!

लेखक- अमित सिंघल क्या कभी यह विचार आपके मष्तिष्क में नहीं आया कि राहुल पर “दोहरी” नागरिकता वाला केस ही नहीं बनता है? ब्रिटेन में एक कंपनी, जिसके राहुल डायरेक्टर…