(मुकेश शर्मा)
(ग्वालियर)
पत्रकार को कानूनी मामलों में अनैतिक रूप से फसाने, हमला या हत्या कराने की कोशिश भी की जा सकती है
प्रदेश के सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित जयारोग्य मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल समूह के डीन धाकड़ के कारनामों के उजागर होने का खौफ इस कदर हावी हो चुका है कि एक तरफ कानून तथा असामाजिक तत्वों का सहारा लेकर नोटिस और धमकियां दिलवा रहें हैं तो दूसरी ओर सिफारिशी लाल तलाशते फिर रहे हैं । अगर सच लिखने पर धमकियां मिलने लगें, तो समझ लेना चाहिए कि कलम सही जगह पर वार कर रही है। डर दिखाकर पत्रकारिता को झुकाया नहीं जा सकता। धमकी देने वाले को यह समझना होगा कि सच लिखना, जानना समाज तथा हर नागरिक का अधिकार है । जो सोच रहा है कि दबाव बनाकर आवाज़ को शांत कर देंगे, वह भूल रहा है कि हर धमकी एक नई ऊर्जा पैदा करती है। कलम बिकती नहीं, झुकती नहीं और रुकती नहीं । अगर सच लिखने की कीमत डर है, तो यही डर हमें और मजबूत बनाएगा । हालांकि कागजी डर के अलावा राजनीतिक, प्रशासनिक डर भी दिखाया जा रहा है ।
सम्भव है कि डीन धाकड़ का सच लिखने वाले या प्रसारित करने वालों पर हमले कराए जाएं, कानूनी मामलों में अनैतिक रूप से फसाया जाये या हत्या कराने की कोशिश भी की जा सकती है । लेकिन ईमानदार कलम न झुकी है, न झुकेगी, न बिकेगी । सच उजागर करती रहेगी ।
बहरहाल अतरंगी धाकड़ का एक ताजा मामला संज्ञान में आया है। डॉ हितेंद्र यादव जयारोग्य चिकित्सा में किसी भी पद पर रहने की पात्रता ही नही रखते लेकिन फिर भी विवादों में रहे डा. यादव को धाकड़ ने केआरएच सहायक अधीक्षक बना दिया है ।
विवादों के कारण लंबे समय से चर्चा में रहे डा. हितेन्द्र यादव को कमला राजा चिकित्सालय का सहायक अधीक्षक नियुक्त किया गया है । इस संबंध में गजरा राजा मेडिकल कालेज के डीन डा. आरकेएस धाकड़ ने आदेश जारी कर दिया है । डा. यादव की नियुक्ति के बाद महाविद्यालय और अस्पताल परिसर में चर्चा का दौर शुरू हो गया है तथा मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों में डीन के खिलाफ आक्रोश फैल रहा है ।
एक तकनीशियन को थप्पड़ मारने और पीजी छात्रों से नशे में अभद्रता करने के मामले भी सामने – आ चुके हैं । महिला रेजीडेंट डाक्टर के साथ अभद्र व्यवहार के मामले में डीन डा. धाकड़ ने डा. यादव को निलंबित किया था । अब डीन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्रशासकीय कार्य की दृष्टि से आगामी आदेश तक डा. यादव, प्रदर्शक, गजराराजा मेडिकल कालेज को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ सहायक अधीक्षक, केआरएच का दायित्व दिया जाता है।
डा. यादव के जेएएच में मारपीट और पीजी छात्रों के साथ अभद्रता के मामले को राज्य मानव अधिकार आयोग ने भी संज्ञान में लिया था। आयोग ने ग्वालियर संभाग आयुक्त मनोज खत्री से मामले की जांच कर कार्रवाई का प्रतिवेदन मांगने के निर्देश दिए थे ।



