(आलोक तिवारी)
(मथुरा)
मरीजो को नहीं मिलता चिकित्सकीय सुविधाओं का लाभ
योगी सरकार द्वारा बायोमेट्रिक उपस्थिति मशीन से उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश हवा हवाई
जिला संयुक्त चिकित्सालय वृंदावन में लंबे समय से जमी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की स्थिति यह है कि वह नियमित रूप अपनी ड्यूटी पर नहीं आती है इसकी पुष्टि सरकार द्वारालागू की गई बायोमेट्रिक मशीन के इनके कार्यकाल के प्रिंट निकलवाकर उप मुख्यमंत्री व चिकित्सा मंत्री ब्रजेश पाठक स्वयं संज्ञान लेते हुए कर सकते है सकारण यह है कि वह अधितर दिल्ली रहती हैं। वृंदावन से दिल्ली एक्सप्रेस वे नजदीक होने के कारण ओर इस चिकित्सालय पर सरकार की ज्यादा निगाह न होने का लाभ वह उठा रही हैं यदि वह नियमित रूप से अपनी ड्यूटी घंटे बैठती हैं और स्टाफ क्वार्टर पर रहती हैं तो जनता को चिकित्सा सुविधाओं का पूरा लाभ भी तभी मिल सकता है।डॉक्टरों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव से प्रतिदिन आने वाले मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। हड्डी रोग विशेषज्ञ, सर्जन तथा बच्चों के डॉक्टर उपलब्ध न होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।विशेषज्ञ डॉक्टरों और अल्ट्रासाउंड बंद मरीजों को उठानी पड़ रही परेशानी उठानी पड़ती हैं स्टाफ भी अधिकतर गायब रहता हैं

धार्मिक नगरी वृंदावन में प्रतिदिन स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपचार के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को या तो इंतजार करना पड़ता है या फिर निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है। इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
सूत्र बताते हैं कि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की मनमानी के कारण कई डॉक्टर यहां तैनात होकर इस अस्पताल में सरकार ने भेजे लेकिन कुछ समय बाद इस्तीफा देकर चले जाते हैं, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं बार-बार प्रभावित हो जाती हैं। अल्ट्रासाउंड सेवा भी नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रही है। वर्तमान में अस्पताल में स्थायी रूप से रेगुलर अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं है। इसके चलते मरीजों को जांच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की हानि हो रही है।
अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण सामान्य बीमारियों से लेकर गंभीर रोगों तक के मरीज प्रभावित हो रहे हैं। बच्चों के डॉक्टर न होने से अभिभावकों को अपने बच्चों के उपचार के लिए अन्य अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। वहीं हड्डी रोग विशेषज्ञ और सर्जन न होने से दुर्घटना या गंभीर चोट के मरीजों को तत्काल राहत नहीं मिल पा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला संयुक्त चिकित्सालय वृंदावन क्षेत्र का प्रमुख सरकारी अस्पताल है, ऐसे में यहां सभी आवश्यक विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती होना जरूरी है। यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में मरीजों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
जिला संयुक्त चिकित्सालय वृंदावन में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की शीघ्र नियुक्ति तथा नियमित जांच सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता बन गया है। उक्त संबंध मे जब मुख्य चिकित्सा अधीक्षक वृन्दावन से मिलने अचानक पहुंचे तो वह उपस्थिति नहीं थी स्टाफ से जानकारी करने पर बताया गया कि वह अधिकारी है कब आती है ओर कब जाती हैं इस संबंध मे कुछ नहीं बता सकते है




