देश के प्रथम एवं अग्रणी पत्रकार संगठन आईएफडब्ल्यूजे (Indian Federation of Working Journalists)का अपने स्थापना काल अक्टूबर 1950 से लेकर आज तक संघर्षों और उपलब्धियों से भरा एक स्वर्णिम इतिहास रहा है।
आज देश में जितने भी पत्रकार संगठन सक्रिय दिखाई देते हैं, उनमें से अधिकांश की उत्पत्ति अथवा प्रेरणा का स्रोत कहीं न कहीं आईएफडब्ल्यूजे ही रहा है। निजी महत्वाकांक्षाओं के कारण अनेक लोगों ने समय-समय पर संगठन को खंडित और कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन तमाम कुचेष्टाओं के बावजूद आईएफडब्ल्यूजे आज भी पूरी मजबूती के साथ पत्रकारों की मांगों, अधिकारों, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्षरत है।
इस वर्ष 28 अक्टूबर को संगठन के आह्वान पर देश की 22 प्रदेश इकाइयों से जुड़े हजारों पत्रकार साथी पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्रित हो रहे हैं।
पत्रकार सुरक्षा कानून किसी एक संगठन या चुनिंदा पत्रकारों की मांग नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक पत्रकार की आवश्यकता है। इसलिए हर पत्रकार का दायित्व है कि वह इस ऐतिहासिक अवसर पर एक दिन का समय निकालकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराए और पत्रकार एकता की शक्ति प्रदर्शित करे।
लंबे अंतराल के बाद देश की राजधानी में इतनी बड़ी संख्या में पत्रकार एक मंच पर एकत्रित होने जा रहे हैं। साथियों, इस अवसर को हाथ से न जाने दें। अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचकर इस आंदोलन को मजबूती प्रदान करें।
यदि आज हम संगठित होकर अपनी आवाज नहीं उठाएंगे, तो आने वाले वर्षों में पत्रकारों को निरंकुशता, उत्पीड़न और अन्याय से अकेले ही जूझना पड़ेगा।
आइए, समय की पुकार को पहचानें और पत्रकार हितों की इस महायज्ञ में अपनी उपस्थिति रूपी आहुति दें।

(आग्रहकर्ता IFWJ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राजस्थान प्रदेश के अध्यक्ष हैं)



