लेखक: डॉ. के. विक्रम राव 63वीं पुण्यतिथि पर विशेष,9 नवम्बर 1896 – 9 मार्च 1961 भारत के प्रथम प्रधानमंत्री की यूरोप, अफ्रीका और अमेरीका यात्रा (1949) पर रामा राव दि हिन्दुस्तान टाइम्स ग... Read more
लेखक. डॉ.के. विक्रम राव राजमहल की जगह श्मशान, सिंहासन के बजाय बैल, सर पर न किरीट, न आभूषण,बस भभूत और सूखी लटे-जटायें। शिव दीन दयाल हैं। महात्मा गांधी भी आधी धोती पहनते थे क्योंकि साधारण जन क... Read more
लेखक: डॉ.के. विक्रम राव (लेखक IFWJ के नेशनल प्रेसिडेंट व वरिष्ठ पत्रकार/स्तंभकार हैं) Read more
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लेखक डॉ.के. विक्रम राव मोरारजी देसाई की छवि रही कि वे समाजवाद के धुर विरोधी रहे, यह विरोधाभासी तथ्य है। जब नाशिक जेल में 1932 मे सोशलिस्ट पार्टी की नीव रखी गई थी तो जयप्रकाश नारायण, अच्युत प... Read more
लेखक #:डॉ.के. विक्रम राव उस कालावधि के छात्र भी अल्पज्ञानी होते थे। सैक्स इतना मुखरित नहीं था। वर्जनायें बहुत थी। मुझे स्मरण है कि लखनऊ विश्वविद्यालय के बीए प्रथम वर्ष का क्लासरुम। संस्कृत स... Read more
लेखक डॉ.के. विक्रम राव (लेखक IFWJ के नेशनल प्रेसिडेंट व वरिष्ठ पत्रकार/स्तंभकार हैं) Read more
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