लेखक-डॉ.के. विक्रम राव सन 1187 में, सलादिन, मिस्र और सीरिया के सुल्तान ने मुस्लिम अय्युबिदों का नेतृत्व किया। उसके धर्मयोद्धाओं से बेथलहम को छीन लिया। लैटिन पादरियों को शहर छोड़ने पर मजबूर किया गया। सन 1192 में सलादीन ने दो लैटिन पुरोहितों और दो उपयाजकों की वापसी पर सहमति जताई। हालांकि, बेथलहम को तीर्थयात्रियों से […] Read more
लेखक-अरविंद जयतिलक पंडित मदनमोहन मालवीय जी का संपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक जीवन स्वदेश के खोए गौरव को स्थापित करने के लिए प्रयासरत रहा। जीवन-युद्ध में उतरने से पहले ही उन्होंने तय कर लिया था कि देश को आजाद कराना और सनातन संस्कृति की पुर्नस्थापना उनकी प्राथमिकता होगी। 1893 में कानून की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वे […] Read more
लेखक-डॉ.के. विक्रम राव पुरानी पुस्तकों और प्राचीन इमारतों को पसंद करने वाले हर व्यक्ति को यह खबर अच्छी लगेगी। संयुक्त राष्ट्र शिक्षा, वैज्ञानिक, सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने इस वर्ष (2023) का मेरिट एवार्ड मुंबई के 155 वर्ष पूर्व निर्मित डेविड सेसून लाइब्रेरी को दिया है। इस महानगर के काला घोड़ा इलाके में स्थित इस ऐतिहासिक […] Read more
लेखक-अरविंद जयतिलक सैकड़ों साल बाद भारतीय समाज का स्वरुप, चरित्र एवं चिंतन की व्याख्या का दायरा और उसके मूल्यों को मापने व परखने का मापदण्ड क्या होगा इसकी भविष्यवाणी आज संभव नहीं है। लेकिन जब भी असमानता और अन्याय पर आधारित समाज के खिलाफ तनकर खड़े होने वाले राजनीतिक पुरोधाओं का मूल्यांकन होगा किसान नेता […] Read more
लेखक-डॉ.के. विक्रम राव (लेखक IFWJ के नेशनल प्रेसिडेंट व वरिष्ठ पत्रकार/स्तंभकार हैं) Read more