(संजय राय)
(जयपुर)
राजस्थानी स्थापत्य शैली में बनेगा सुंदरपुरा हॉल्ट स्टेशन
महाभारत कालीन वीर बर्बरीक, जिन्हें कलियुग में खाटूश्यामजी के रूप में पूजा जाता है, उनके विश्व प्रसिद्ध धाम आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर रेल सुविधा देने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे ने करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से सुंदरपुरा हॉल्ट स्टेशन बनाने की योजना तैयार की है। यह स्टेशन सीकर–रींगस रेलखंड पर पलसाना और बावड़ी ठीकरिया स्टेशनों के बीच विकसित होगा तथा खाटूश्यामजी मंदिर से लगभग 12.3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रहेगा।
इस स्टेशन की सबसे खास बात इसकी राजस्थानी स्थापत्य शैली होगी। स्टेशन भवन का निर्माण राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक और वास्तु विरासत के अनुरूप किया जाएगा, जिसमें पारंपरिक डिज़ाइन के साथ आधुनिक यात्री सुविधाओं का समावेश होगा। स्टेशन पर आधुनिक बुकिंग कार्यालय, विशाल प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे श्रद्धालुओं को सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा और स्टेशन भी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बनेगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाभारत युद्ध से पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने वीर बर्बरीक को कलियुग में अपने नाम ‘श्याम’ से पूजे जाने का वरदान दिया था। आज देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष खाटूश्यामजी धाम पहुंचते हैं। ऐसे में नया हॉल्ट स्टेशन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेल संपर्क को और मजबूत करेगा।
इसके साथ ही खाटूश्यामजी–सालासर–सुजानगढ़ नई रेल लाइन परियोजना पर भी कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना के अंतिम एलाइनमेंट, ड्रोन सर्वे और साइट व्यवहार्यता का कार्य पूरा हो चुका है। नई रेल लाइन पर खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी सहित कुल नौ स्टेशन प्रस्तावित हैं। रेलवे का मानना है कि इन परियोजनाओं से धार्मिक पर्यटन, क्षेत्रीय विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी, वहीं राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।




