(राजेश बैरागी)
(गौतम बुद्ध नगर)
नोएडा प्राधिकरण द्वारा 2002 में अधिग्रहित सेक्टर 104 स्थित गांव हाजीपुर की लगभग आठ हजार वर्गमीटर भूमि पर तीन वर्ष से चले आ रहे स्थगनादेश को गौतमबुद्धनगर अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने कल प्राधिकरण के पक्ष में खारिज कर दिया। अब प्राधिकरण द्वारा इस भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए पांच मंजिला कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त करने का रास्ता साफ हो गया है।
उल्लेखनीय है कि गांव हाजीपुर के खसरा संख्या 412 की 7950 वर्गमीटर भूमि को नोएडा प्राधिकरण द्वारा 2002 में नियमानुसार अधिग्रहित किया गया था। इस भूमि पर निश्याम बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड तथा हिमश्री हिमालय बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 2023 में अवैध रूप से एक कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू कर दिया गया।इन बिल्डरों ने प्राधिकरण के हस्तक्षेप से बचने के लिए गौतमबुद्धनगर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में एक वाद प्रस्तुत कर प्राधिकरण के विरुद्ध 12 अप्रैल 2023 को एकपक्षीय स्थगनादेश प्राप्त कर लिया। बिल्डरों द्वारा दावा किया गया कि उन्होंने तथा 15 अन्य लोगों/फर्मों द्वारा इस भूमि को 2022-23 में श्रीराम मंदिर ट्रस्ट महर्षि नगर से बजरिए बैनामा खरीदा है।तीन वर्ष तक बिल्डरों और प्राधिकरण द्वारा अदालत के समक्ष किये गये दावों प्रतिदावों के फलस्वरूप कल अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने बिल्डरों के दावों को उच्च तथा उच्चतम न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के आलोक में निराधार मानते हुए स्थगनादेश खारिज कर दिया। इस मुकदमे की प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता मनु बैरागी ने प्रभावी पैरवी की। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि दो वर्ष पहले इस अवैध कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स को सील करने गए प्राधिकरण के कर्मचारियों से बिल्डरों के लोगों ने न केवल अभद्रता की थी बल्कि एक व्यक्ति अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर प्राधिकरण कर्मचारियों से लिपट भी गया था। इस संबंध में पुलिस से शिकायत की गई थी। स्थगनादेश निरस्त होने से प्राधिकरण द्वारा अब अपनी इस अरबों रुपए की भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का रास्ता साफ हो गया है।हाल ही में मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने संबंधित अधिकारियों को प्राधिकरण की इस प्रकार अवैध कब्जों में फंसी भूमि को मुक्त कराने के सख्त आदेश भी दिए हैं।





