लेखक -राजेश बैरागी

जनपद गौतमबुद्धनगर भाजपा आज गुटबाजी के एक और पायदान ऊपर चढ़ गई। एक पखवाड़े के अंतर से हुईं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की सभाओं में भाजपा का संगठन और कार्यकर्ता तो जुटे परंतु उन्हें आसानी से पहचाना जा सकता था कि कौन किसके खेमे में है।
गत आठ मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एनटीपीसी टाउनशिप के प्रवेशद्वार पर महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण करने आए थे।उसके बाद उन्होंने टाउनशिप स्थित स्टेडियम में एक जनसभा को संबोधित किया। उनके साथ मंच पर जनपद के सांसद द्वय डॉ महेश शर्मा (लोकसभा) और सुरेंद्र नागर(राज्यसभा), विधायक तेजपाल सिंह नागर, ठाकुर धीरेन्द्र सिंह, पंकज सिंह,एम एल सी नरेंद्र भाटी व श्रीचंद शर्मा, धौलाना विधायक धर्मेश तोमर, क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र शिशोदिया, तत्कालीन जिलाध्यक्ष गजेन्द्र मावी सहित आसपास के जनपदों के जनप्रतिनिधि व संगठन के लोग थे। वह कार्यक्रम विशुद्ध रूप से क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र शिशोदिया और दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर का था। साठा चौरासी में बड़ा संदेश देने के लिए वर्षों पुरानी मांग पूरी करते हुए महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विधायक तेजपाल सिंह नागर की मांग पर दादरी विधानसभा के एनटीपीसी क्षेत्र में एक कॉलेज, एक आईटीआई और एक सौ शय्या अस्पताल बनवाने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की। ठीक एक पखवाड़े के अंतर से आज रविवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एक अनाम से ट्रस्ट के कार्यक्रम में गांव बंबावड़ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। यह कार्यक्रम स्थल मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल से मात्र चार किलोमीटर दूर था परंतु उस दिन के मंच से आज के मंच की दूरी सैकड़ों किलोमीटर से अधिक थी।आज शाम एक निजी कार्यक्रम में एक भाजपा विधायक ने मुझे बताया कि आज के कार्यक्रम में सांसद डॉ महेश शर्मा,एम एल सी श्रीचंद शर्मा और वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा को बुलाया ही नहीं गया था तो एम एल सी और कद्दावर गुर्जर नेता नरेंद्र भाटी ने इस कार्यक्रम से दूरी रखी।इस कार्यक्रम को गुर्जर बिरादरी को समर्पित दिखाने के लिए इसे पन्ना धाय की जयंती का नाम दिया गया। आयोजकों ने इसे गुर्जर बिरादरी समर्पित बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी परंतु विधायक ठाकुर धीरेन्द्र सिंह को आमंत्रित किया। सांसद सुरेंद्र नागर ने तो केशव प्रसाद मौर्य को कुशवाहा होने के कारण गुर्जरों के कसाना गौत्र तक से जोड़ दिया। बताया गया है कि बुलाया तो सतेंद्र शिशोदिया को भी नहीं गया था। वो शिष्टाचार के नाते उप मुख्यमंत्री की अगवानी के लिए पहुंचे थे तो आयोजकों को शर्मा शर्मी उन्हें भी साथ लेना पड़ा।उप मुख्यमंत्री ने हालांकि मंच से संगठन और कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने और कंधे से कंधा मिलाकर चलने का आह्वान किया परंतु उन्होंने अपने सत्ताईस मिनट के भाषण में केवल एक बार मुख्यमंत्री का नाम लिया, शेष भाषण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और अन्य नेताओं को समर्पित रहा।आज के कार्यक्रम के तत्काल बाद पूर्व पत्रकार और वरिष्ठ सपा नेता राजकुमार भाटी की त्वरित टिप्पणी बहुत मौजूं रही। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा,उत्तर प्रदेश भाजपा में इन दिनों गज़ब का खेल चल रहा है। हर जिले में भाजपा में दो भाजपा हो गई हैं। एक गुजराती भाजपा, दूसरी गोरखपुरिया भाजपा। दोनों भाजपाओं में खुल्ला खेल फर्रुखाबादी चल रहा है। खुले आम तलवारें भांजी जा रही हैं। दांव-पेंच चल रहे हैं। लोग दम साधे देख रहे हैं कि कौन सी भाजपा दूसरे गुट को पटखनी देती है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और यह उनके निजी विचार हैं)

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