(मुकेश सेठ)
(लखनऊ)
सरकार को व्यापारियों की चिंताओं को भी समझना चाहिए: मनीष कुमार वर्मा
व्यापारियों दुकान बन्द रखते हुए चौक में धरना प्रदर्शन कर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी कर जताई नाराजगी
लखनऊ में सोमवार को सराफा कारोबारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के विरोध में एक दिन के लिए सराफा बाजार बंद रखा। व्यापारियों ने चौक इलाके में धरना-प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और “सराफा एसोसिएशन जिंदाबाद” के नारे लगाए।
लखनऊ महानगर सर्राफा असोसिएशन से जुड़े ज्वेलर्स का कहना है कि बाजार पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में सोना न खरीदने की अपील व्यापारियों की परेशानियां और बढ़ा सकती है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि सराफा कारोबार लाखों परिवारों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। उन्होंने देशभर के व्यापारियों से इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि सरकार को व्यापारियों की चिंताओं को भी समझना चाहिए।
वहीं All India Jewelers and Gold Smith Federation के उत्तर प्रदेश संयोजक विनोद माहेश्वरी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब सोने की खरीद को लेकर डर या प्रतिबंध का माहौल बनाया गया, तब-तब लोगों में इसे खरीदने की उत्सुकता और बढ़ी है। उनके मुताबिक, लगातार नकारात्मक संदेश अनजाने में सोने की मांग को और बढ़ा सकते हैं।
व्यापारियों ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि सोने की खरीद को हतोत्साहित करने के बजाय व्यवहारिक और प्रभावी गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम लागू की जानी चाहिए। उनका कहना है कि भारत में पहले से बड़ी मात्रा में घरेलू सोना मौजूद है, जिसे व्यवस्थित तरीके से बाजार में लाकर गोल्ड इंपोर्ट पर निर्भरता कम की जा सकती है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत के साथ-साथ ज्वेलर्स कारोबार को भी स्थिरता मिलेगी।
धरने में आदर्श व्यापारी एसोसिएशन, यूपी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी, मनीष वर्मा, मोहित सोनी समेत कई व्यापारी नेता मौजूद रहे। व्यापारियों ने कहा कि भारत में सोना केवल आभूषण नहीं, बल्कि बचत, सुरक्षा, संस्कृति और महिला सशक्तीकरण का भी प्रतीक है। ऐसे में इस सेक्टर से जुड़े फैसले लेते समय करोड़ों लोगों की आर्थिक जरूरतों और व्यापारिक प्रभावों को ध्यान में रखना जरूरी है।



