★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★

{राज्यपाल से मिलकर बीजेपी ने कहा जनादेश होने के बाद भी शिवसेना ने साथ मे सरकार बनाने में अनिच्छा दिखाई ऐसे में हम सरकार नही बनाएंगे}
[बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष पाटिल ने कहा कि जनादेश का अपमान कर शिवसेना काँग्रेस-एनसीपी के साथ सरकार बनाना चाहती है तो उन्हें हमारी शुभेच्छा]
(राज्यपाल ने रविवार को दूसरे बड़े दल शिवसेना को भेजा सरकार बनाने न्यौता तो खड़गे ने कहा विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है कांग्रेस को)
♂÷महाराष्ट्र में बीजेपी ने सरकार बनाने से इनकार कर दिया है बीजेपी नेताओं ने आज बैठकों के बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की और कहा कि हमारे पास सरकार बनाने के लिए बहुमत नहीं है। बैठक के बाद महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि हम बहुमत साबित करने में असफल रहे।
उन्होंने कहा, ”जनादेश होने के बावजूद शिवसेना ने साथ में सरकार बनाने में अनिच्छा जाहिर की ऐसे में हम सरकार नहीं बनाएंगे. यही बताने आए थे। शिवसेना यदि जनादेश का अपमान कर के कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाना चाहती है तो उन्हें हमारी शुभेच्छा।
उधर जयपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने रिजॉर्ट में ठहरे महाराष्ट्र के नवनिर्वाचित विधायकों से मिले और उसके बाद बयान दिया कि महाराष्ट्र की जनता ने काँग्रेस को विपक्ष में बैठने के लिए जनादेश दिया है, हम विपक्ष में बैठेंगे।
जबकि चर्चा हुई कि शिवसेना को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने से पहले एनसीपी शिवसेना के सामने शर्त रख रही है कि वह पहले केंद्र सरकार में अपने मन्त्री अरविंद सावंत से इस्तीफ़ा दिलवाने के साथ केंद्र व महाराष्ट्र में बीजेपी से गठबंधन तोड़े।
मुम्बई में बीजेपी के द्वारा सरकार बनाने से इनकार कर देने के बाद गवर्नर कोशियारी ने 56 सीटों वाले दूसरे सबसे बड़े दल शिवसेना को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर बहुमत साबित करने को कहा है।
बीजेपी ने 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव में 105 सीटें जीती थीं जबकि 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 145 है।बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने 56 सीटें जीती थीं लेकिन दोनों पार्टियों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान चल रही है,13वीं विधानसभा का कार्यकाल शनिवार को समाप्त हो गया।
देखना दिलचस्प रहेगा कि लगभग 25 वर्षो से बीजेपी के साथ गठबंधन कर राजनीतिक यात्रा करने वाली सत्ता की साझीदार रही शिवसेना सूबे में अपनी सरकार व मुख्यमंत्री बनाने को लेकर किस तरह से बहुमत के जादुई आंकड़े लेकर सामने आती है।शिवसेना सांसद संजय राउत अनेको बार दावा कर चुके हैं कि शिवसेना के पास सरकार बनाने की दशा में 175 विधायकों का समर्थन मिल सकता है।फ़िलहाल काँग्रेस द्वारा भगवा पार्टी को समर्थन न देने के एलान से अब एनसीपी के ऊपर भी एक तरह से मनोवैज्ञानिक दबाव बनेगा क्योकि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस एनसीपी गठबंधन के तहत ही चुनावी मैदान में उतरी थी।






















