(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
वर्ष 2026 से वर्ष 2030 एवं 2033 दो फेज में पोर्ट का कार्य होने के बाद आयात निर्यातऔर होगा तेज कहा जेएनपीए चेयरमैन ने
ट्रैफिक कंजक्शन को दूर करने के लिए एनएसआईटीसी से अटल सेतु तक 2000 करोड़ के बजट से दूसरा लिंक रोड बनाने का बन रहा है डीपीआर बताया गौरव दयाल ने
जवाहरलाल नेहरू पत्तन प्राधिकरण सर्वाधिक व्यस्त पत्तन होने के चलते आने वाले समय में दूसरा पोर्ट वाढवान बन्दर 76200 करोड़ के बजट से कार्य शुरू किया गया है।
उक्त जानकारी देते हुए जेएनपीए चेयरमेन गौरव दयाल ने बताया कि यह कार्य दो चरण में पूरा किया जाएगा, पहले चरण में वर्ष 2026 से 2030 फिर 2030 से 2033 तक निर्माण कार्य सम्पूर्ण कर दिया जाएगा।
इस पोर्ट के बनने से लोडिंग अनलोडिंग में लगने वाला काफ़ी समय बचने की वजह से आयात निर्यात सुगम होगा और भारी धनराशि की बचत भी होगी।
चेयरमैन ने आगे बताया कि गत एक वर्ष से पोर्ट पर ऑपरेशनल सिस्टम को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में डिजिटलीकरण किया जा रहा है जिसके तहत डिजिटल ऑटोमेशन, ऑटोमॉड सिस्टम शिप ऑपरेशन किया जाना है।

उन्होंने बताया कि भारत का दुनियां के देशों के साथ व्यापार तेज़ी के साथ बढ़ रहा है तो ऐसे में पोर्ट से सड़क मार्ग से वस्तुओं को लाने ले जाने के दौरान ट्रैफिक की समस्या आ रही है ऐसे में हम टर्मिनल डीपी वर्ल्ड टर्मिनस एनएसआइटीसी पत्तन से अटल सेतु मार्ग तक दूसरा लिंक रोड बनाने का रहे हैं।
2000 हज़ार करोड़ के बजट वाले इस प्रोजेक्ट का डीपीआर बनाया जा रहा है और यह कार्य वर्ष 2028-29 तक पूरा कर लिया जाएगा।
जेएनपीए चेयरमेन गौरव दयाल ने बताया कि आज इस पोर्ट से अमेरिका यूरोप सहित दो सौ देशों से आयात निर्यात किया जा रहा है और आने वाले समय में और भी देशों से आयात निर्यात होने की संभावना तलाशा जाएगा।




