★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
6 जून से प्राधिकरण पर”डेरा डालो-घेरा डालो ” कार्यक्रम के तहत हजारों लोग होंगे शामिल
ग़ेनो प्राधिकरण पर किसान महा पड़ाव के 25 वें दिन महिलाओं ने संभाली बागडोर
♂÷उत्तरप्रदेश के ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर चल रहे महापड़ाव के 25 वे दिन महिलाओं का धरना रहा।जिसकी अध्यक्षता सन्तोष देवी ने व संचालन तिलक देवी ने किया।आज शुक्रवार को प्राधिकरण पर हजारों की संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और गीत संगीत के माध्यम से प्राधिकरण को अपनी समस्याओं से अवगत कराया व धरनारत किसानों में भी जोश भरने का कार्य किया। साथ ही साथ प्राधिकरण को भी चेताया जब तक हमारी समस्याएं हल नहीं हो जाती यह लड़ाई बदस्तूर जारी रहेगी।
किसान रीना भाटी ने कहा कि प्राधिकरण ने हमारे साथ धोखा किया है हमारी जमीनों को सस्ती दरों पर लेकर बिल्डरों को ऊंची दरों पर आवंटित किया व जो हमारे अधिकार है उन पर भी डाका डालने का कार्य प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। हमारे 10 % विकसित प्लॉट की जगह किसानों को केवल 6% प्लॉट ही दिया जा रहा है जो हमें किसी रूप में भी मंजूर नहीं है।
पूनम ने कहा कि हम किसानों को प्राधिकरण की योजनाओं में 17.5% का जो कोटा मिलता था उसे प्राधिकरण में समाप्त कर दिया है, यह हमारे साथ धोखा है हम अपना हक लेकर ही रहेंगे चाहे हमें इसके लिए कितनी भी लंबी लड़ाई क्यों ना लड़नी पड़े।बेगवती ने कहा कि हमारे पढ़े-लिखे बच्चे आज नौकरी के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, प्राधिकरण क्षेत्र में लगे हुए उद्योग धंधों में उनको लोकल बताते हुए नौकरी नहीं दी जाती है यह हमारे बच्चों के साथ अन्याय है जबकि जिस भूमि पर यह उद्योग लगे हैं वह हमारी व हमारे पुरखों की जमीन है और हमारी जमीन लेते वक्त प्राधिकरण ने वरीयता के आधार पर हमारे बच्चों को रोजगार देने की बात कही थी, और आज हमारे ही बच्चों को रोजगार नहीं।
सरोज देवी ने कहा कि प्राधिकरण ने किसानों को मिलने वाले प्लॉट का साइज 120 मीटर से घटाकर 40 मीटर कर दिया है यह हमारे साथ अन्याय हैं प्राधिकरण अपनी मनमर्जी पर है और हम उसकी मनमर्जी चलने नहीं देंगे और तब तक धरने पर रहेंगे जब तक हमारी समस्याएं हल नहीं हो जाती,
महिला समिति की आशा यादव ने कहा कि हम गांव-गांव जाकर महिलाओं की समितियों का गठन कर रहे हैं और इस महापड़ाव में आने वाले समय में महिलाओं की भूमिका निर्णायक साबित होगी और महिलाएं ही अब धरने पर रात और दिन धरनारत रहेंगी।
सुनीता ने कहा कि अब महिलाएं जेल जाने के लिए भी तैयार हैं। अगर प्राधिकरण को लगता है कि यहां की महिलाएं कमजोर है तो यह उनकी बहुत बड़ी भूल है यह वीरांगनाऐ अपने अधिकारों के लिए अपने पुरुष साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दिन-रात संघर्ष के लिए तैयार है।
“जब तक समस्याएं हल नहीं तब तक घर वापसी नहीं” और 6 जून से प्राधिकरण पर “डेरा डालो घेरा डालो” कार्यक्रम के तहत परिवार के परिवार प्राधिकरण पर पहुंचने के लिए तैयार है। सभी गांवों में मिलाकर 2000 से अधिक की संख्या में किसानों ने गिरफ्तार होने वालों की लिस्ट बना ली है।
आज के धरने में मुख्य रूप से वंदना रिया गीता माया संतोष अनीता सविता पिंकी राजेश प्रीति जगमति कौशल बाला सरोज मुकेश पूजा पूनम विमला रमा दया, चन्दा बेगम, गुड़िया देवी, रेखा चौहान, आदि हजारों महिलाएं शामिल हुई।




