मुरैना श्योपुर संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी गरीबी रेखा की सूची में!

मुरैना श्योपुर संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी गरीबी रेखा की सूची में!

(मुकेश शर्मा)
(भोपाल)

जनता में प्रत्याशी से ज्यादा संरक्षण दाता के प्रति है लोगो में नाराजगी

मुरेना लोकसभा चुनाव में तीसरे चरण में आगामी 7 तारीख को होने वाले मतदान में श्योपुर मुरैना संसदीय क्षेत्र का चुनाव रोचक बना हुआ है यहां मुकाबला मुख्य रूपसे भाजपा और कांग्रेस के बीच है हालांकि बसपा से रमेश गर्ग भी चुनाव मैदान में हैं।भाजपा ने दिमनी विधान सभा से पूर्व विधायक एवम जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रह चुके शिव मंगल सिंह तोमर को अपना प्रत्याशी बनाया है वहीं कांग्रेस ने पूर्व विधायक एवम जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यपाल सिंह सिकरवार (नीटू)पर अपना भरोसा जताया है चुनाव में विभिन्न आरोपों प्रत्यारोपों को झेल रहे भाजपा प्रत्याशी दिमनी विधानसभा के पूर्व विधायक शिवमंगल सिंह तोमर के चेहरे एवम उनकी बयानबाजी से हार की बौखलाहट साफ झलक रही है । हद तो तब हो गई जब रथ यात्रा, आम सभा और रैली के लिए बने पोस्टर बैनर पर शिवमंगल ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और भगवान श्रीराम की फोटो लगा दी जिसे बाद में अंबाह थाने में जप्त कर लिया गया। इस लोकसभा में बीजेपी प्रत्याशी शिवमंगल के अलावा कांग्रेस पार्टी से सत्यपाल सिंह सिकरवार नीटू चुनावी रण में उतारे गए हैं जिनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीतिक होने के साथ साथ बेदाग छवि मानी जाती है । एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष और एक बार सुमावली विधानसभा से विधायक रह चुके हैं और अच्छे बहुमत से जीत हासिल की थी । वर्तमान में उनके बड़े भाई सतीश सिकरवार ग्वालियर में कांग्रेस से दूसरी बार विधायक हैं तथा उनकी भाभी श्रीमती शोभा सतीश सिकरवार ग्वालियर नगरनिगम में महापौर निर्वाचित हो चुकी हैं । इसके अलावा उनके पिता दादा गजराज सिंह सिकरवार सुमावली विधानसभा से तत्कालीन विधायक रह चुके हैं और उनके चाचा व्रंदावन सिंह सिकरवार भी मुरेना लोकसभा से चुनाव लड़ चुके हैं । वैसे व्रंदावन सिंह सिकरवार को किंग मेकर भी कहा जाता है । कुल मिलाकर राजनीति नीटू को विरासत में मिली है और स्थिति मजबूत है, युवा वर्ग के साथ साथ बुजुर्ग वर्ग पर दादा गजराज की अपील खासी छाप छोड़ रही है ।

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वहीं बसपा से जाने माने उद्योगपति रमेश चंद्र गर्ग चुनावी मैदान में जीत के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं । वैश्य वर्ग के अलावा एससी एसटी, ओबीसी समाज का समर्थन उनको मिल रहा है लेकिन अगर मुरेना जौरा, कैलारस, सबलगढ़ के शहरी क्षेत्र को छोड़ दिया जाए तो ग्रामीण अंचल में उनकी पकड़ कमजोर नजर आ रही है फिर भी कोशिश पूरे जोश के साथ जारी है । वैश्य समाज की महिला ब्रिगेड पूरी ताकत से रमेश गर्ग के लिए मेहनत कर रही है तो ब्राह्मण समुदाय अभी खामोश है । यहां चुनाव कैसा भी हो अंतिम समय में जातिगत हो जाता है । मुरैना जिले से तीन स्थानीय सांसद सत्ता में तथा एक के केंद्रीय मंत्री रहने के बाद भी विकास में आज भी जीरो है चार जिलों का संभागीय मुख्यालय मुरैना में है । कयाश लगाए जा रहे हैं कि दो क्षत्रिय प्रत्याशी होने से बसपा प्रत्याशी को काफी लाभ मिलेगा परंतु ऐसा होना मुश्किल है क्योंकि यहां बीजेपी प्रत्याशी की छवि कुछ ज्यादा अच्छी नहीं है । यहां तक कि उनकी विधानसभा की जनता भी उनको कम पसंद कर रही है लेकिन फिर भी अंतिम समय में मुकाबला कांटे का होगा ।

गरीबी रेखा राशन कार्ड कहां कहां इस्तेमाल किया पूर्व विधायक शिवमंगल तोमर ने

मुरेना लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी शिवमंगल सिंह तोमर ने विधायक रहते हुए गरीबी रेखा राशन कार्ड का उपयोग कहां कहां किया ? यहां हम इनको गरीब इसलिए कह रहे हैं क्यों कि वर्ष 2006 की गरीबी रेखा सूची में वार्ड क्रमांक 14 बड़ागांव सेवा सहकारी संस्था घुसगंवा में बीपीएल सर्वे सूची क्रमांक 1336 पर दर्ज है और इस इनके विधायक रहते हुए 2010 में बने 16 सदस्यों के बीपीएल राशन कार्ड जो शिवमंगल सिंह तोमर की मां कोशल्या देवी के नाम से बना है इसमें शिवमंगल की उस बेटी बबिता तोमर का नाम भी दर्ज है जो सरकारी डॉक्टर है तथा सबसे बड़ी बात ये है कि उक्त बीपीएल राशन कार्ड का उपयोग शिवमंगल सिंह तोमर ने अपनी डॉक्टर बनी बेटी के लिए रॉयल मोटर्स ग्वालियर से ली गई चार पहिया गाड़ी के लॉन के लिए किया था जिसके प्रमाण मौजूद हैं । इसके अलावा अन्य कई जगह जरूर इस कार्ड का उपयोग किया गया होगा और 2008 में विधायक रहने के बाद शिवमंगल सिंह तोमर वर्तमान में सत्ताधारी पार्टी भाजपा से लोकसभा प्रत्याशी हैं ।

शिवमंगल सिंह तोमर ने क्यों बनवाया डॉक्टर बेटी का फर्जी आई कार्ड ?

अप्रैल 2014 में शिवमंगल सिंह तोमर ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मुरेना का संचालक मंडल अध्यक्ष रहते हुए चार पहिया गाड़ी के लॉन बेटी बबिता के नाम फाइल किया और एक दिन में प्रक्रिया पूरी कर न केवल लॉन पास हो गया बल्कि उसी तारीख को रॉयल मोटर्स के नाम 912561 का भुगतान भी जारी हो गया लेकिन एक बात समझ से परे है कि जब उनकी बेटी सरकारी डॉक्टर है तो नवंबर 2013 में शिवमंगल को बेटी बबिता का अंबाह स्वास्थ्य केंद्र से फर्जी परिचय पत्र बनवाने की क्या जरूरत पड़ गई।

लॉन की गारंटी सहकारी बैंक की अमानत शाखा में मैनेजर ने क्यों दी ..?

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तत्कालीन विधायक शिवमंगल तोमर की बेटी बबिता के लॉन की गारंटी उनके किसी रिश्तेदार ने नही दी बल्कि जिस जिला सहकारी बैंक के शिवमंगल अध्यक्ष थे उसी बैंक की अमानत शाखा के मैनेजर लक्ष्मीकांत शर्मा ने अपने मकान की गारंटी लगाई और बकायदा उक्त संपत्ति के दस्तावेज भी संलग्न किए और शपथ पत्र दिया । आज के दौर में जहां भाई भाई की गारंटी नहीं लेता वहां बिना किसी एहसान या बिना किसी रिश्तेदारी के लक्ष्मीकांत ने गारंटी क्यों दी ? ओर सबसे बड़ी बात जो बैंक चार पहिया वाहनों तथा ग्रह मकान के लॉन करती ही नही उस बैंक ने महज चौबीस घंटे के भीतर चार पहिया वाहन का लॉन मंजूर कैसे कर दिया ?

इस बाबत जिला सूचना और जनसंपर्क अधिकारी मोनालिका माहौर का कहना है कि प्रत्याशी द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करते समय जो शपथ पत्र जमा किया जाता है वह निर्वाचन विभाग द्वारा सूचना/जनसंपर्क विभाग को नहीं भेजा गया क्यों नहीं भेजा इसका ज़बाब निर्वाचन शाखा से ही मिलेगा वैसे उनको हमारे पास भेजना चाहिए।

Mukesh Seth

Chief Editor

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