लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷भारतीय पुलिस के दो वृत्तांतो पर यह व्याख्या है। एक को “कृति” कहेंगे, तो दूसरे को “करतूत।” लेकिन दोनों के पात्रों के चरित्र और चलन उजागर हो गए हैं। पहला किस्सा है सुदूर समुद्र-तटीय केरल का। दूसरा है दुआबा (उत्तर प्रदेश) का। बीच में है विध्यांचल, भारत का प्राचीनतम पर्वत। यह पहाड़ […] Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷भारतीय स्वाधीनता संग्राम में गैर-कांग्रेसी समूहों तथा जमातों के भूले-बिसरे,वस्तुतः उपेक्षित प्रसंगों को नरेंद्र दामोदरदास मोदी उजागर कर रहे हैं। बड़ी कामयाबी से। राष्ट्रीय इतिहास अब तक विकृति के कर्करोग (कैंसर) से ग्रसित हो गया था। कथित कथाकार मोहम्मद इरफान हबीब तथा रोमिला थापर जैसों का मार्जन अब हो रहा हैं। कल […] Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷क्यो हारे ब्राजील के उदारवादी राष्टपति बोल्सिनारो कल (31 अगस्त 2012)? केवल दो मुद्दो की उपेक्षा के कारण। पर्यावरण तथा कोविड पर घ्यान नही दिया। पचास लाख वर्ग किलोमीटर के जैविक पिण्ड श्रेत्र अमेजन को अपार विध्वंस से नही बचा पाये। बिना मास्क के खूद घूमते थे उनके अनुयायियो को नही बताते […] Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷छठ पूजा आज (31 अक्टूबर 2022) समाप्त हो गई है। ब्याहताओं के लिए दैहिक पीड़ा का दौर भी खत्म हुआ। तो प्रश्न आता है कि इन समस्त धार्मिक विधि-विधानों में पतिजन भी शिरकत क्यों नहीं करते ? केवल अर्धांगिनी ही क्यों ? अंततः लाभार्थी तो पुरुष ही होता है। रेवड़ी वही खाता […] Read more
लेखक-अरविंद जयतिलक ♂÷भारत राष्ट्र का सौभाग्य है कि उसके नागरिक स्वतंत्र है और देश स्वयं अपने भाग्य का विधाता है। लेकिन यह स्थिति हमें अचानक प्राप्त नहीं हुई। इसके लिए अनेक महापुरुषों को दीर्घकाल तक आजादी की अलख जगाकर अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी। सन् 1857 की क्रांति से लेकर 15 अगस्त, 1947 को […] Read more