लेखक~अरविंद जयतिलक ♂÷उल्टा नाम जपत जग जाना, बाल्मीकि भए ब्रह्म समाना। बाल्मीकि जी राम नाम का उच्चारण नहीं कर पाते थे। तब नारद जी ने विचार करके उनसे मरा-मरा जपने के लिए कहा और मरा रटते ही यही राम हो गया। निरंतर जाप करते-करते हुए बाल्मीकि जी ऋषि बाल्मीकि बन गए। विश्व के सर्वाधिक प्रसिद्ध […] Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷विखंडित शिवसेना के दोनों घटकों (ठाकरे-शिंदे) गत् मंगलवार, दशहरा, चार अक्टूबर 2022, में हुयी गला काट होड से हर राष्ट्रवादी को प्रमुदित होना चाहिये। मैं इस गहरे उठापटक का गत दिनों मुंबई में मूक साक्षी रहा। ठीक ऐसी ही मारधाड़ हुयी थी पांच हजार साल पूर्व द्वारका में जब यदुवंशी भिड़े थे, […] Read more
लेखक-अरविंद जयतिलक ♂÷बात उन दिनों की है जब भगत सिंह और उनके क्रांतिकारी साथियों को पकड़ने के लिए ब्रिटिश हुकूमत जमीन-आसमान एक कर दी थी। भगत सिंह और उनके साथियों पर पुलिस अधिकारी साण्डर्स की हत्या का आरोप था। वह साण्डर्स जिसने साइमन कमीशन का विरोध कर रहे लाला लाजपत राय को इस हद तक […] Read more
लेखक-अरविंद जयतिलक ♂÷संस्कृत की एक प्रसिद्ध कहावत है कि शठे शाठयम समाचरेत्। यानि दुष्ट के साथ दुष्टतापूर्ण व्यवहार। यूरेशिया में स्थित तुर्की ऐसा ही देश है जिसके साथ भारत के लिए अब शठे शाठयम समाचरेत् का व्यवहार आवश्यक हो गया है। जिस तरह वह बार-बार कश्मीर मसले को तूल दे रहा है, उससे साफ जाहिर […] Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷मैं उन भाग्यशालियों में हूँ जिसने महात्मा गाँधी के चरण स्पर्श किये| बात 1946 के शुरुआत की है| कक्षा प्रथम में पढ़ता था| जेल से रिहा होकर पिताजी (स्व. श्री के. रामा राव, संस्थापक–संपादक नेशनल हेराल्ड) परिवार को वर्धा ले गये| जालिम गवर्नर मारिस हैलेट ने हेराल्ड पर जुर्माना ठोक कर उसे […] Read more