★मुकेश शर्मा★ ★ग्वालियर(मध्यप्रदेश)★ {मामला शमसान घाट और नाले पर जबरन रास्ता बनाने का,ग्वालियर हाईकोर्ट में दाख़िल जनहित याचिका पर नोटिस के बाद अब 4 जनवरी को होगी सुनवाई} (उच्चन्यायालय ने मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव समेत कलेक्टर भिंड,भिंड ज़िले के अमायन थाना प्रभारी को भी ज... Read more
राष्ट्रीय
लेखक-अरविंद जयतिलक भारतीय संविधान के चरित्र व स्वरुप पर गौर करें तो वह एक मृदु संविधान की सभी विशेषताओं से लैस है। मृदु लक्षणों की वजह से ही उसका प्रतिनिधित्यात्मक चरित्र लोकतंत्र का हिमायती है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व निष्पक्ष चुनाव उसकी शीर्ष प्राथमिकता में है। म... Read more
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आज अपने शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ से प्रभावित खैरी शीतल प्रसाद के टोला नकोलडीह , पन्नाडीह, दुलारेडीह, और ग्राम पंचायत तालकुंडा के टोला तमकुहवा में एसडीएम, तहसीलदार व पुलिस प्रशासन के साथ नाव की सहायता से जाकर बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनकी समस्या को जानने व समझने क... Read more
- समाज के जरूरत मंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना सराहनीय पहल: गिरीश चन्द्र यादव(सुशील कुमार स्वामी)(जौनपुर)
- बालिकाओं की शिक्षा समाज और देश के विकास की है आधारशिला:कृपाशंकर सिंह(हसनैन कमर ‘दीपू’)(जौनपुर)
- एक लंदन मुंबई में भी
- राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किए गये ‘आज हिंदी दैनिक’ के नेशनल ब्यूरो संजय राय(मुकेश सेठ)(मुम्बई)
- पुलिसकर्मियों का अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा पूरे समाज के लिए है प्रेरणा स्त्रोत:सलमान खुर्शीद(मुकेश सेठ)(मुंबई)
- योग को केवल शारीरिक व्यायाम औरआसनों तक सीमित नही रखा जाना चाहिये:स्वामी ब्रह्मनिष्ठानंद सरस्वती(मुकेशसेठ)(मुंबई)
भारतीय जनता पार्टी ने जिस दिन सात बार के सांसद व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया उसी दिन समाजवादी पार्टी का पीडीए समीकरण पटरी से उतर गया। अब अखिले... Read more
(राजेश बैरागी)(गौतम बुद्ध नगर) क्या इंजीनियर युवराज की मौत को एक महीने में पूरी तरह भुला दिया गया है?उस घटना को लेकर मचे हो हल्ले के बाद एस आई टी जांच का कहीं अता-पता नहीं चलना और किसी भी जि... Read more
लेखक: मनोज श्रीवास्तव भारत माता के वीर सपूत श्रीमंत छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में सभी लोग जानते हैं। बहुत से लोग इन्हें हिन्दू हृदय सम्राट कहते हैं तो कुछ लोग इन्हें मराठा गौरव कहते हैं।... Read more
1857 की क्रांति से लेकर 15 अगस्त, 1947 को स्वराज्य की उपलब्धि तक का इतिहास त्याग और बलिदान का रहा है। भारतीय समाज और राष्ट्र के जीवन में नवीन प्राणों का संचार करने के लिए क्रांतिवीरों ने अपन... Read more





































