तूफानी तेज़ी से सोने ने ₹1.62 लाख और चांदी ने ₹3.70 लाख का स्तर किया पार

तूफानी तेज़ी से सोने ने ₹1.62 लाख और चांदी ने ₹3.70 लाख का स्तर किया पार

(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)

वैश्विक अनिश्चितता, निवेशकों का भारी रुझान और औद्योगिक जगत में बढ़ती चांदी की खपत बढ़ रही अंधाधुंध क़ीमत

आज 28 जनवरी को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बढ़ती सरगर्मी के बीच कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का हाजिर भाव पहली बार $5,200 प्रति औंस के पार निकल गया, जबकि घरेलू बाजार में भी कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं।
आज के ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम/किलोग्राम)
आज सुबह बाजार खुलते ही कीमतों में भारी तेजी दर्ज की गई।
24 कैरेट सोना: दिल्ली में आज सोने का भाव ₹1,62,090 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है वहीं मुंबई और कोलकाता में यह ₹1,61,940 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
आभूषणों के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत दिल्ली में ₹148590 और मुंबई में ₹148440 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।
चांदी ने भी आज एक लंबी छलांग लगाई है। भारत में 1 किलो चांदी की कीमत ₹3,70,100 के पार निकल गई है. कुछ शहरों जैसे चेन्नई और हैदराबाद में यह ₹3,87,100 प्रति किलो तक पहुंच गई है।
सोने चांदी के धातुओं में अंधाधुंध तेजी के मुख्य कारण
वैश्विक तनाव को बताया जा रहा है।
मालूम हो कि दक्षिण कोरिया और कनाडा पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ की धमकियों और वैश्विक व्यापार युद्ध (Trade War) की आशंकाओं ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ा दी है।
आज 28 जनवरी को होने वाली US Fed Reserve की बैठक के नतीजों पर बाजार की नजर है। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ है, जिससे सोना महंगा हो गया है।
चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के पीछे सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से आ रही भारी औद्योगिक मांग को जिम्मेदार माना जा रहा है।
ब्रोकरेज फर्म Goldman Sachs और अन्य विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं, तो सोना साल के अंत तक $6,000 प्रति औंस के स्तर को भी छू सकता है।
कुल मिलाकर वैवाहिक सीजन प्रारम्भ होने वाला है किन्तु सोने चांदी के आसमान छूती कीमतों ने खरीदारों के हौसले को जहां पस्त कर दिया है तो वहीं व्यापारियों के व्यवसाय पर रोक सा लगा दिया है।

Mukesh Seth

Chief Editor

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