लेखक~डॉ.के. विक्रम राव
♂÷केरल के पदासीन मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष तथा तीन काबीना मंत्री लोग अरब राष्ट्र से सोना और डालर की तस्करी में सक्रियता से शरीक पाये गये हैं।
इस तस्करी की वारदात का केरल विधानसभा के अगले माह निर्धारित निर्वाचन पर गंभीर असर पड़ेगा। कांग्रेस तथा भाजपा इस शीर्ष पदासीन राजनेताओं के विरुद्ध अभियान का खास मुद्दा बना चुकी है। इसका असर उधर बंगाल विधानसभा के निर्वाचन पर भी पड़ेगा। वहां कांग्रेस तथा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का गठबंधन ममता बनर्जी के तृणमूल कांग्रेस को चुनौती दे रहा है। पड़ोसी तमिलनाडू भी अछूता नहीं रह सकता। वहां मुख्य विपक्ष द्रविड मुन्नेग कजगम के सहयोग से सोनिया—कांग्रेस और दोनों कम्युनिस्ट पार्टियां गठबंधन में एक साथ शामिल है।
केरल हाईकोर्ट को कल (शुक्रवार, 5 मार्च 2021) भारत सरकार के तटकर आयुक्त सुमित कुमार ने शपथ—पत्र पर बताया कि मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन, विधानसभा के अध्यक्ष पी. श्रीरामकृष्णन और तीन ”माननीय” मंत्री तथा एम. शिवशंकर, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव (जमानत पर) और कुछ शासकीय कार्मिक मिलकर संयुक्त अरब अमीरात के दूतावास के कर्मचारियों के साथ तस्करी करते रहे हैं। इस पर कांग्रेस विपक्ष के रमेश चेन्निथाला तथा राज्य भाजपा अध्यक्ष के. सुरेन्द्रन ने पिनरायी विजयन के तत्काल त्यागपत्र की मांग की है। केरल प्रदेश सोनिया—कांग्रेस के अध्यक्ष मुल्लपल्ली रामचन्द्रन ने सार्वजनिक बयान में कहा कि कांग्रेस—नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा का आरोप सत्य साबित हुआ कि तस्करी के आरोप ”अत्यंत” गंभीर हैं।
यह घटना 5 जुलाई 2020 को हुयी थी जब 24—कैरटवाला तीस किलो सोना तिरुअनंतपुरम विमान स्थल पर कस्टम्स विभाग ने जब्त किया था। यह सोना कूटनीतिक सुरक्षा के तहत अरब दूतावास के पते पर भेजे गये पार्सल में पकड़ा गया था। महिला कर्मचारी स्वप्ना सुरेश जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था ने शपथपत्र पर न्यायालय को बताया था कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही यह सोना लाया गया था। प्रमुख सचिव एम. शिवशंकर (28 अक्टूबर 2020) को जेल में रखा गया और जमानत पर वे हालही में रिहा किये गये। उच्चतम न्यायालय में न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ के समक्ष जमानत निरस्त करने की अर्जी भारत सरकार ने लगायी है।
पचहत्तर—वर्षीय विजयन को केरल में अत्यधिक दमदार राजनेता माना जाता है। माकपा के दोनों वरिष्ठ नेता प्रकाश करात तथा सीताराम येचुरी मुख्यमंत्री विजयन को तरजीह देते हैं क्योंकि सर्वहाराओं की पार्टी को उन्होंने विगत वर्षों में मालामाल बना दिया है। भारी भरकम बैंक बैलेंस, बड़े होटल और मनोरंजन रिसार्ट, कई विशाल भूखण्ड तथा बहुमंजलीय इमारतें, दो टीवी नेटवर्क, बहुसंस्करणीय दैनिक, आलीशन निजी आवासीय बंग्ले आदि के अरबों की सम्पति की स्वामिनी केरल माकपा आज है। जनसाधारण की ज्वलन्त समस्याओं पर गहन मंथन माकपा सागरतटीय पंचसितारा होटलों में आयोजित करती है। संयोजक विजयन होते हैं। मगर ऐसी सम्पन्नता ने माकपा को विपन्न बना दिया। क्योंकि गत लोकसभा चुनाव में सोलह सीटें हार गई। मात्र चार बमुश्किल जीत पाई।

÷लेखक IFWJ के नेशनल प्रेसिडेंट व वरिष्ठ पत्रकार/स्तम्भकार हैं÷




