(आलोक तिवारी)
(मथुरा)
जानकी बाई इंटर कॉलेज मामले में हाईकोर्ट विजिलेंस ने शिकायकर्ता की शिकायत का लिया संज्ञान , कार्यवाही शुरू
जानकी बाई गर्ल्स इंटर कॉलेज के स्टाफ उत्पीड़न करने के संबंध मे उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश से शिकायत की गई थी। शिकायती पत्र पर प्रशासनिक स्तर पर जांच कराई गई। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के प्रशासनिक जज ने शिकायतकर्ता के शिकायती पत्र में उल्लिखित बिंदुओं पर अपने स्तर गोपनीय रूप से जांच कराई। जांच में शिकायतकर्ता की शिकायत में साक्ष्य पाया गया और प्रशासनिक जज ने अपनी संस्तुति करते हुए हाई कोर्ट बिजिलेंश को प्रकरण अग्रसारित कर दिया।
हाई कोर्ट बिजलेंस ने गत 25 फरवरी को शिकायतकर्ता से शपथ पत्र सहित साक्ष्य एवं अभिलेख मांगे थे।
मिली जानकारी के अनुसार जानकी बाई गर्ल्स इंटर कॉलेज मथुरा में वर्ष 1992 से एक ही व्यक्ति लगातार प्रबंधक बना हुआ है। विभागीय अधिकारियों को अनेकों वार इस संबंध में शिकायत की गई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
उक्त प्रबंधक ने श्रीमती अनीता गौतम की फर्जी प्रपत्रों पर नियुक्ति की थी। शासन स्तर से जांच में श्रीमती अनीता गौतम के फर्जी प्रपत्रों पर प्राप्त नियुक्ति के संबंध में प्रबंधक को प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए लेकिन उन्होंने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई तब शासन के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई। अनीता गौतम उनके पति सतीश गौतम पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद विधालय प्रबंधक, अनीता एवं सतीश इतने बौखला गए कि उन्होंने विद्यालय के अनेकों स्टाफ एवं उनके परिजनों पर झूठे एवं तथ्यों का गोपन कर स्वयं एवं अपने मिलने जुलने वालो से फर्जी दर्ज करवा दी और जिला विद्यालय निरीक्षक के साथ मिलकर स्टाफ का उत्पीड़न शुरू कर दिया है।
सूत्र बताते हैं कि हाई कोर्ट विजिलेंस को साक्ष्य एवं अभिलेख भेज दिए गए हैं ,अब आने वाला समय बताएगा कि विजिलेंस जांच किस करवट बैठेगी और कौन कौन इसकी जद में आएगा




