लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷कुछ पर्व, चन्द तिथियां ऐसी होती हैं जिनपर सिलवट या शिकन समय के थपड़े डाल नहीं पाते। अगस्त क्रान्ति का पहला दिन (नौ अगस्त 1942: भारत छोड़ो) आज भी वैसे ही तरोताजा हो जात... Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷ मुंबई (उत्तर) से भाजपाई सांसद (लोक सभा) गोपाल चिन्नय्या शेट्टी ने आजादी के अमृत महोत्सव पर कह दिया कि “जंगे–आजादी मे ईसाइयो ने भाग नहीं लिया। वे अंग्रेज थे।” सियासी... Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि देवालयों वाले अदालती वाद-प्रतिवाद के परिवेश में गत माह (19 जुलाई 2022) मद्रास हाईकोर्ट का एक दिशासूचक निर्णय अत्यधिक प्रभावोंत्पादक होगा।... Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷एक मीडिया-कर्मी होने के नाते मेरी यह अवधारणा है कि खबर के लिये अनपेक्षित बात होना अनिवार्य है। सामान्य, आम, अमूमन न हों। ध्यान खींचनेवाला हो, खासकर। मसलन यह कदापि खब... Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷इस्लामी शिक्षा के केन्द्र आजमगढ़ में दक्षिण भारतीय वैष्णव साहित्यकार डा. रागेय राघव के नाम शोध संस्थान की स्थापना की घोषणा कर योगी आदित्यनाथजी ने सबको चौंका दिया। आह्... Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷आज ही के दिन (4 अगस्त 2022), ठीक चार दशक हुये, भारतीय मीडिया पर एक और सरकारी हमला हुआ था। प्रेस को क्लीव बनाने की सुनियोजित साजिश थी। बिहार विधान मंडल (परिषद भी) ने... Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷अमेरिकी राजनेता श्रीमती नैंसी पेट्रीषिया पेलोसी की कल रात (2 अगस्त 2022) ताईवान की यात्रा के विरोध में जिस भांति कम्युनिष्ट चीन चिंघाड रहा था, यकीन हो चला था कि अमेर... Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷जिन्हें नाज है हिन्द पर वे सभी जान ले। राष्ट्रध्वज के रुपरेखाकार पिंगली वैंकय्या एक तेलुगुभाषी निर्धन स्कूल मास्टर थे। वे कंगाली में जन्में (2 अगस्त 1876 : सागरतटीय... Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷”नैक—टाई” (मसखरी में कण्ठलगोट) का विरोध आज यूरोप में तेज होता जा रहा है। भारत में तो यह प्रतिरोध अत्यंत जोरदार रहा। आज ही के दिन (1 अगस्त 1920) महात्मा ग... Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷ यह वृतांत है उस जमाने (उन्नीसवीं सदी) का जब वधू सिर्फ पांच वर्ष की होती थी। लाजिमी है आजीवन वैधव्य भुगतना पड़ता था। उस युग की एक अदम्य भारत निर्मात्री डा.(मेडिकल) म... Read more



















