लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷कुछ पर्व, चन्द तिथियां ऐसी होती हैं जिनपर सिलवट या शिकन समय के थपड़े डाल नहीं पाते। अगस्त क्रान्ति का पहला दिन (नौ अगस्त 1942: भारत छोड़ो) आज भी वैसे ही तरोताजा हो जाता है, जैसा 79 वर्ष पहले था। हर बार इसका नया तेवर, अलग अन्दाज दिखता है जो कभी फिरंगियों […] Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷ मुंबई (उत्तर) से भाजपाई सांसद (लोक सभा) गोपाल चिन्नय्या शेट्टी ने आजादी के अमृत महोत्सव पर कह दिया कि “जंगे–आजादी मे ईसाइयो ने भाग नहीं लिया। वे अंग्रेज थे।” सियासी वर्तुलों मे झंझावात उठा। तेज भी होना चाहिए था। मगर महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता माधव भंडारी ने इस उक्ति को नकार […] Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि देवालयों वाले अदालती वाद-प्रतिवाद के परिवेश में गत माह (19 जुलाई 2022) मद्रास हाईकोर्ट का एक दिशासूचक निर्णय अत्यधिक प्रभावोंत्पादक होगा। सदियों पुराने ग्राम देवता तलवैत्ति मुनिअप्पन के शैव मंदिर को पुरातत्वीय परीक्षण के बाद बौद्धमठ न्यास को सौंप दिया गया है। मूलतः वह बौद्ध बिहार था जहां […] Read more
★मुकेश सेठ★ ★मुम्बई★ {मरीज ने डॉक्टर लाल बहादुर सिद्धार्थ को भगवान का दूसरा रूप बताया} ♂÷यूँही चिकित्सक को धरती का भगवान नही कहा जाता है,आज एक बार फ़िर इस उपमा को जौनपुर ही नही वरन पूर्वांचल के ख्यातिलब्ध सर्जन डॉक्टर लाल बहादुर सिद्धार्थ ने पुनः साबित कर मरीज के प्राण बचाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार […] Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷एक मीडिया-कर्मी होने के नाते मेरी यह अवधारणा है कि खबर के लिये अनपेक्षित बात होना अनिवार्य है। सामान्य, आम, अमूमन न हों। ध्यान खींचनेवाला हो, खासकर। मसलन यह कदापि खबर नहीं हो सकती कि मुसलमान ने मंदिर हेतु अपनी जमीन दे दी। हिन्दू ने मुस्लिम कुटंब को दंगों में बचाया। अथवा […] Read more