लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷”नैक—टाई” (मसखरी में कण्ठलगोट) का विरोध आज यूरोप में तेज होता जा रहा है। भारत में तो यह प्रतिरोध अत्यंत जोरदार रहा। आज ही के दिन (1 अगस्त 1920) महात्मा गांधी ने ब्रिटिश सरकार से असहयोग आन्दोलन चलाया था। तब टाई खासकर गोरी सत्ता का प्रतीक हो गयी थी। उस दौर में […] Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷ यह वृतांत है उस जमाने (उन्नीसवीं सदी) का जब वधू सिर्फ पांच वर्ष की होती थी। लाजिमी है आजीवन वैधव्य भुगतना पड़ता था। उस युग की एक अदम्य भारत निर्मात्री डा.(मेडिकल) मुत्तुलक्ष्मी रेड्डि। आज (30 जुलाई 2022) 183 साल की होतीं। क्यों उनकी याद आईं ? दक्षिण की विभूतियां विंध्य के […] Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷समय आ गया है कि भारतीय दंड संहिता में संसद एक प्रावधान सन्निहित करें कि राष्ट्रपिता बापू के कुलनाम (गांधी) का कोई निजी स्वार्थ हेतु जाली मनुष्य बेजा इस्तेमाल न करे। मेरा अभिप्राय आर्थिक अभियुक्त सोनिया और राहुल से है। इंदिरा और राजीव तो दिवंगत हैं अत: विस्मरणीय हैं। मगर अब परिवेश […] Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷यूपी मीडिया की गत अर्धशती के रिकॉर्ड में बहमई नरसंहार की वारदात खासकर रिपोर्टरों के रोंगटे खड़े करनेवाली खबर रही। मैं साक्षी था। अत: पुरानी फिल्मरोल की भांति स्मृति आज घूम गयी। कारण ? सत्तर—वर्षीय अपहरणकर्ता ठाकुर छेदा सिंह, (कुमारी फूलन का अपहरणकर्ता), कल (26 जुलाई 2022) सैफई अस्पताल में मर गया। […] Read more
लेखक-अरविंद जयतिलक ♂÷यह बेहह चिंताजनक है कि भारत के 640 जिलों में से 448 जिलों में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के तहत निर्धारित लक्ष्य से बहुत अधिक है। यह खुलासा जर्नल पीएलओस ग्लोबल पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन से हुआ है। अध्ययन के मुताबिक शोधकर्ताओं ने 2017-2019 […] Read more