★मुकेश शर्मा★ ★ग्वालियर(मध्यप्रदेश)★ {मामला शमसान घाट और नाले पर जबरन रास्ता बनाने का,ग्वालियर हाईकोर्ट में दाख़िल जनहित याचिका पर नोटिस के बाद अब 4 जनवरी को होगी सुनवाई} (उच्चन्यायालय ने मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव समेत कलेक्टर भिंड,भिंड ज़िले के अमायन थाना प्रभारी को भी ज... Read more
राष्ट्रीय
लेखक-अरविंद जयतिलक भारतीय संविधान के चरित्र व स्वरुप पर गौर करें तो वह एक मृदु संविधान की सभी विशेषताओं से लैस है। मृदु लक्षणों की वजह से ही उसका प्रतिनिधित्यात्मक चरित्र लोकतंत्र का हिमायती है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व निष्पक्ष चुनाव उसकी शीर्ष प्राथमिकता में है। म... Read more
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लेखक -सुभाषचंद्र पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में जंतर मंतर पर पुलिस की कथित Exesses पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत जी ने कहा -Right to protest, peaceful protest, lawful protest, is absolutely guaranteed under the constitutional scheme. So long as there is a peace... Read more
- बेनूर और कृष्णानंद को सृजन सम्मान
- जौहर विश्वविद्यालय के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर रोक के लिए सपा ने उठाई आवाज़
- पुरोहित परंपरा भारतीय संस्कृति, ज्ञान-विज्ञान और लोकमंगल की आधारशिला : कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक
- डॉ. कलाम की 11वीं पुण्यतिथि: विज़न से यथार्थ तक भारत की यात्रा
- संविधान, आरक्षण सामाजिक न्याय एवं भागीदारी सुनिश्चित करने का मार्ग:- लालसाहब यादव
- दिव्यांजनों को सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर मिले यही है सेवा का उद्देश्य: शुभ्रांशु दीक्षित
लेखक- अमित सिंघल अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में यह माना जाता है कि सरकार या किसी अन्य गैर-सरकारी समूह द्वारा किसी एक समुदाय पर अतीत में किये गए नृशंस अपराधों की जांच करके सत्य को उजागर करना चाह... Read more
लेखक-डॉ.के. विक्रम राव द्रमुक का ताजा फितूर है कि संस्कृत से ज्यादा पुरातन तमिल है। सनातन को अद्यतन साबित करने वाले को तमिलनाडु के विघटनकारी युवा द्रविड़ मुख्यमंत्री मुथु करुणानिधि स्टालिन न... Read more
(हरिश्चंद्र पांडेय)(भोपाल) √ मुख्यमंत्री डॉ यादव ने 66 मेडिकल मोबाइल यूनिट को सीएम हाउस से हरी झंडी दिखाकर किया रवाना आज सोमवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव नें अपने सरकारी आवा... Read more
लेखक-डॉ.के. विक्रम राव भूलोक का विशालतम जनवादी पर्व महाकुंभ रोमांच के साथ आशंकायें भी सर्जाता है। भारतीय गणतंत्र का पहला पर्व (1954) को भुलाना सुगम नहीं है। एक प्रधानमंत्री की असावधानी और एक... Read more







































