★मुकेश शर्मा★ ★ग्वालियर(मध्यप्रदेश)★ {मामला शमसान घाट और नाले पर जबरन रास्ता बनाने का,ग्वालियर हाईकोर्ट में दाख़िल जनहित याचिका पर नोटिस के बाद अब 4 जनवरी को होगी सुनवाई} (उच्चन्यायालय ने मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव समेत कलेक्टर भिंड,भिंड ज़िले के अमायन थाना प्रभारी को भी ज... Read more
राष्ट्रीय
लेखक-अरविंद जयतिलक भारतीय संविधान के चरित्र व स्वरुप पर गौर करें तो वह एक मृदु संविधान की सभी विशेषताओं से लैस है। मृदु लक्षणों की वजह से ही उसका प्रतिनिधित्यात्मक चरित्र लोकतंत्र का हिमायती है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व निष्पक्ष चुनाव उसकी शीर्ष प्राथमिकता में है। म... Read more
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लेखक-अरविंद जयतिलक गत दिवस प्र्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कद्र्रीय कैबिनेट ने 84,084 करोड़ रुपए की ‘समुद्र मंथन’ नैशनल ऑफशोर एक्सप्लोरेशन स्कीम को मंजूरी देकर उर्जा क्षेत्र की मजबूती के लिए शानदार पहल की है। इस पहल से गहरे समद्र्र में तेल और गैस की खोज के ल... Read more
- मातृ देवों भव: पितृ देवों भव: को मानने वाले देश में अंतिम विदाई भी जब मोबाइल स्क्रीन पर सिमट जाए तो….?
- 76200 करोड़ के बजट से दो चरणों में बनाया जा रहा है वाढवण बंदर:गौरव दयाल
- कोविड का लौटता साया: आपकी इम्युनिटी ही आपका असली बचाव
- दिल्ली की श्रद्धा शर्मा बनीं ‘मिसेज वर्ल्ड हार्मनी 2026’, जीता ‘ग्लैमर लुक’ खिताब
- लोकतंत्र, गाली और मर्यादा: विरोध की संस्कृति बनाम अभद्रता का संकट
- विधानसभा में संसद वाली नौटंकी की नकल किये तो अयोध्या भेजे जा सकते हैं विपक्षी विधायक!
लेखक~मुकेश सेठ महाराष्ट्र बीजेपी के नेताओं की आक्रामकता से उद्धव की स्थिति हो रही असहज तो शिवसेना प्रमुख व मुख्यमंत्री एकनाथ शिन्दे भी कूद पड़े हैं वीर सावरकर के सम्मान में ♂÷महान स्वतंत्रता... Read more
~के. विक्रम राव ♂÷ दशकों बाद भाजपा को मुसलमानों में एक निष्ठावान तथा निखालिस पुरोधा हासिल हुआ है : डॉ. प्रोफ़ेसर तारिक मंसूर। यूपी के नवनामित विधायक। नेता योगी आदित्यनाथ के विधानमंडल के ताजा... Read more
लेखक~अरविंद जयतिलक ♂÷बात चाहे आजादी के संघर्ष की हो अथवा स्वाधीन भारत को अर्थपूर्ण मुकाम देने की या दलित समाज को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने की देश सदैव ही जगजीवन बाबू का ऋणी रहेगा। जगजीव... Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷ तब तक टीवी ने हम लोगों की शाम को बख्श दिया था। ईजाद ही नहीं हुआ था। मोबाइल ने दिनरात हड़पे नहीं थे। वह भी नहीं बना था। उस दौर में वक्त खुद प्रतीक्षा करता था। शहर मे... Read more
























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