【”एक देश एक चुनाव”की बात राष्ट्रीय समस्याओं से ध्यान बाँटने का प्रयास है=मायावती】

【”एक देश एक चुनाव”की बात राष्ट्रीय समस्याओं से ध्यान बाँटने का प्रयास है=मायावती】

★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर बैठक में नहीं जाएंगी बसपा सुप्रीमो मायावती, कहा लोकतांत्रिक देश मे चुनाव कभी कोई समस्या नही हो सकती}
[ईवीएम के प्रति जनता का विश्वास घट गया है चिन्ताजनक स्तर तक कह पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने]

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♂÷बसपा प्रमुख मायावती बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में नहीं जाएंगी। मायावती ने ट्वीट् के जरिए इसकी पुष्टि की।
मायावती ने ट्विटर पर लिखा, ‘बैलेट पेपर के बजाए ईवीएम के माध्यम से चुनाव की सरकारी जिद से देश के लोकतंत्र व संविधान को असली खतरे का सामना है। ईवीएम के प्रति जनता का विश्वास चिन्ताजनक स्तर तक घट गया है। ऐसे में इस घातक समस्या पर विचार करने हेतु अगर आज की बैठक बुलाई गई होती तो मैं अवश्य ही उसमें शामिल होती।
आगे लिखा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में चुनाव कभी कोई समस्या नहीं हो सकती है और न ही चुनाव को कभी धन के व्यय-अपव्यय से तौलना उचित है। देश में ’एक देश, एक चुनाव’ की बात वास्तव में गरीबी, महंगाई, बेरोजबारी, बढ़ती हिंसा जैसी ज्वलन्त राष्ट्रीय समस्याओं से ध्यान बांटने का प्रयास व छलावा मात्र है।

Mukesh Seth

Chief Editor

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