★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील चोपड़ा ने विज्ञान भवन में पत्रकार वार्ता में कहा पश्चिम बंगाल,तमिलनाडु, असम,केरल व केंद्र शासित पुड्डुचेरी में ड्यूटी में लगने वाले ऑफिसर्स को लगवाया जाएगा कोरोना वैक्सीन}
[रोड शो की रहेगी अनुमति,मतदान का समय एक घण्टा बढ़ाया जाएगा किन्तु घर-घर प्रचार हेतु प्रत्याशी समेत पाँच लोगो को ही होगी अनुमति कहा CEC ने]
(चुनावी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश की 824 विधानसभा सीटों पर करीब 18.68 करोड़ मतदाता करेंगे 2.7 लाख बूथों पर प्रत्याशियों की किस्मत का फ़ैसला )
♂÷पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल, पुड्डुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव की दुदुम्भी बज उठी है, आज शुक्रवार को देश के चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील चोपड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस में नामांकन, नाम वापसी,मतदान व मतगणना की तारीखों का एलान कर दिया है।चुनाव कार्यक्रम के जारी होते ही इन राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी है।
चीफ़ इलेक्शन कमिश्नर सुनील चोपड़ा ने दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि सभी चुनावी परिणाम 2 मई को आएंगे।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के तुरंत बाद इन सभी पांचों राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश में चुनावी आचार संहिता लागू हो गई है।
चुनाव आयोग ने आज शुक्रवार को देश के पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश में आगानी विधानसभा चुनावों के लिए
तारीख की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और
पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम का एलान किया। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के तुरंत बाद इन सभी पांचों
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश में चुनावी आचार संहिता लागू हो गई है।
केरल, तमिलनाडु व पुडुचेरी में एक चरण में वोटिंग होगी और असम में तीन चरण व पश्चिम बंगाल में आठ चरण मे वोटिंग होगी और मतगणना 2 मई को होगी।
भारत के चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के मुताबिक सभी पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश के 824
विधानसभा क्षेत्र में करीब 18.68 करोड़ मतदाता 2.7 लाख बूथ पर मतदान करेंगे। सीईसी अरोड़ा ने सभी चुनाव अधिकारियों को कोरोना वॉरियर्स बताते हुए कहा कि इन सभी अधिकारियों को कोरोना वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा।उन्होंने कहा कि इलेक्शन में ड्यूटी करने वाले सभी कर्मियों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित किया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील चोपड़ा के मुताबिक मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया जाएगा, नामांकन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। चुनाव अभियान में घर-घर प्रचार प्रत्याशी समेत सिर्फ 5 लोग ही कर पाएंगे। हालांकि रोड शो करने की अनुमति होगी।
(इस तरह से चुनाव आयोग कराएगा मतदान)
√÷असम में विधानसभा चुनाव तीन चरणों में होंगे,पहले चरण की वोटिंग 27 मार्च, दूसरे चरण की वोटिंग 1 अप्रैल और तीसरे चरण की वोटिंग 6 अप्रैल को होगी, मतगणना 2 मई को होगी।
√÷केरल में एक चरण में ही वोटिंग होगी,केरल में 6 अप्रैल को विधानसभा के लिए वोटिंग होगी, मतगणना 2 मई को
होगी।
√÷तमिलनाडु में 6 अप्रैल को एक चरण में सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए वोटिंग होगी, मतगणना 2 मई को होगी।
√÷पुडुचेरी में 6 अप्रैल को वोटिंग होगी और मतगणना 2 मई को होगी।
√÷पश्चिम बंगाल में आठ चरण में वोटिंग होगी, पहले चरण में 27 मार्च, दूसरे चरण में 1 अप्रैल, तीसरे चरण में 6 अप्रैल , चौथे चरण में 10 अप्रैल, पांचवे चरण में 17 अप्रैल, छठें चरण में 22 अप्रैल, सातवें चरण में 26 अप्रैल और आठवें चरण में 29 अप्रैल को वोटिंग होगी।
एससी-एसटी के लिए आरक्षित सीटें
√÷असम- 31 मई को वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल जारी रहेगा। 126 विधानसभा सीटों में 8 एससी और 16 एसटी के लिए
आरक्षित रहेंगी।
√÷तमिलनाडु- 24 मई को वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होगा। 234 सीटों में 44 एससी के लिए और 2 सीटें एसटी कैंडिडेट्स के लिए आरक्षित रहेंगी।
√÷पश्चिम बंगाल- 30 मई को वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होगा।राज्य की 294 विधानसभा सीटों में 68 एससी और 16 एसटी कैंडिडेट्स के लिए आरक्षित रहेंगी।
√÷केरल- 1 जून को वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होगा। 140 सीटों में 14 एससी और 2 एसटी कैंडिडेट्स के लिए आरक्षित रहेंगी।
√÷पुडुचेरी- 30 सीटों में 5 एससी कैंडिडेट्स के लिए आरक्षित रहेंगी।
(2016 के चुनावी दंगल में इनकी हुई थी जीत)
√÷पश्चिम बंगाल- 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में जीत हासिल कर ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनी।तृणमूल कांग्रेस को 209 सीट, बीजेपी को 27, कांग्रेस को 23 और सीपीआई(एम) को 19 सीटें हासिल हुई थी।
√÷असम- 126 विधानसभा सीटों वाली असम विधानसभा में 60 सीटें जीतकर बीजेपी ने सरबनंदा सोनोवाल के नेतृत्व में राज्य में सरकार बनाई, चुनाव में कांग्रेस को 19 सीटें हासिल हुईं।
√÷तमिलनाडु- 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में 124 सीटें जीतकर जयललिता के नेतृत्व में एआईडीएमके ने सरकार बनाई। हालांकि जयललिता के देहांत के बाद राज्य की कमान पहले ओ पनीरसेल्वम और फिर ईके पलानीस्वामी ने संभाली, डीएमके को 90 और कांग्रेस को 7 विधानसभा की सीटें हासिल हुईं।
√÷पुडुचेरी- 33 विधानसभा सीटों (30 इलेक्टेड और 3 नामांकित) में 15 सीटों पर जीत हासिल कर वी नारायणसामी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी,बीजेपी को 3 सीटें हासिल हुईं।
√÷केरल- 140 विधानसभा सीटों वाली केरल विधानसभा में पी विजयन के नेतृत्व में 91 सीटों के साथ एलडीएफ की सरकार बनी. सीपीआई(एम) को 58, सीपीआई को 19, कांग्रेस को 21 और बीजेपी को 1 सीट हासिल हुई।
चुनावी कार्यक्रम जारी होते ही राजनीतिक दलों ने अपने कील काँटे दुरुस्त करने शुरू कर दिए हैं कि किस तरह से चुनावी युद्ध मे विरोधियों को परास्त किया जा सके।






















