★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{उपमुख्यमंत्री अजित पवार से सम्बंधित 1050 करोड़ की बेनामी सम्पत्ति की जाँच है शुरू कहा पूर्व सांसद डॉ. सोमैया ने}
[मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व उनके परिवार द्वारा बनाये गए गैर क़ानूनी बंगलों के प्रकरण को भी लाया सामने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा बीजेपी नेता ने]
♂÷ठाकरे सरकार में शामिल मंत्रियों के साथ ही शिवसेना नेताओं, जनप्रतिनिधियों का पिछले साल भर से हमने पर्दाफाश किया है और आगे भी सरकार के कुछ मंत्रियों व सत्ताधारी पार्टी के जनप्रतिनिधियों के घोटालों को खोला जाएगा।
उक्त दावा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. किरीट सोमैया ने शनिवार को प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुए पत्रकार वार्ता में किया।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व उनके परिवार द्वारा बनाए गए गैरकानूनी बंगलों के प्रकरण को हमने सामने लाया डॉ. सोमैया ने कहा। उपमुख्यमंत्री अजित पवार से संबंधित 1050 करोड़ की बेनामी संपत्ति की जांच शुरू है। इस संदर्भ में सत्य जल्द ही सामने आएगा। ग्रामविकास मंत्री हसन मुश्रिफ की विभिन्न जांच एजेंसियों के माध्यम से जांच शुरू है। डॉ. सोमैया ने बताया कि मुश्रिफ पर लगे आरोपों को देखते हुए उनपर जल्द कार्यवाही होगी।
पूर्व सांसद डॉ. सोमैया ने कहा कि, अनिल परब, भावना गवली, आनंदराव अडसूल, प्रताप सरनाईक, अर्जुन खोतकर इत्यादि शिवसेना नेताओं के विरोध में भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर विभिन्न जांच एजेंसियों द्वारा जांच शुरू है तो वहीं मिलिंद नार्वेकर ने अलीबाग में बनाये गए बंगले के अवैध निर्माण कार्य को स्वयं ही गिरा दिया है। उद्धव ठाकरे व रविंद्र वायकर के बंगले के काम के बारे में हमने शिकायत की थी।
डॉ. सोमैया ने आगे कहा कि परिवहन मंत्री अनिल परब की जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है। परब के दापोली में स्थित रिसोर्ट की राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा जांच शुरू है। सोमैया ने बताया कि, परब के रिसोर्ट पर 5.42 करोड़ रुपये खर्च हुए है और यह रिसोर्ट बेनामी है ऐसा परब के सीए ने भी स्वीकार किया है।
कुल मिलाकर आज एक बार फिर बीजेपी के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद डॉ. किरीट सोमैया ने जिस तरह से तथ्यों पर आधारित आरोप लगाते हुए दावा किया तो इतना तय है कि आने वाले दिनों में कुछ और भी मामलें सामने आएंगे जिससे एक बार फ़िर महाराष्ट्र की राजनीतिक पारा चढ़ना निश्चित है।






















