(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
12 साल से वेतन नहीं बढ़ा और हक़ मांगने पर मिली जेल और नज़रबंदी सीटू नेताओं ने बैठक में व्यक्त किया आक्रोश
दिल्ली सीटू कार्यालय में हुई बैठक में नेताओं ने कहा अब डीएम कार्यालय पर होगा अनिश्चितकालीन महाधरना
सीटू दिल्ली एनसीआर राज्य महासचिव कॉमरेड पीवी अनियन ने कहा कि 24 अप्रैल को जंतर मंतर पर होने वाला प्रदर्शन दमनकारी सरकार के ताबूत में ठोकेगा आख़िरी कील
नोएडा के मेहनतकश मजदूरों के स्वतःस्फूर्त जन-आक्रोश को सरकार और पुलिस प्रशासन लाठी, जेल और नज़रबंदी के दम पर कुचलने में जुटा है।
आज सीटू दिल्ली कार्यालय में जिला सचिव मंडल की आपात बैठक में नेताओं ने कहा।
बैठक में सीटू दिल्ली एनसीआर राज्य अध्यक्ष कामरेड वीरेंद्र गौड़ और राज्य महासचिव कामरेड पी.वी. अनियन ने आगामी संघर्ष की रूपरेखा तय की।
सीटू दिल्ली राज्य अध्यक्ष कामरेड वीरेंद्र गौड़ ने कहा कि नोएडा का आंदोलन भूख और अपमान की आग का विस्फोट है। 12 साल से न्यूनतम वेतन का एक पैसा नहीं बढ़ाया गया। श्रम कानूनों को फैक्ट्री मालिकों ने पैरों तले रौंद दिया और सरकार मूकदर्शक बनी रही। अब अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए सरकार “विपक्ष की साजिश” और “पाकिस्तान कनेक्शन” जैसे झूठे प्रोपेगेंडा से मजदूरों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है।
सीटू ने सरकार से तीन सवाल किया कि मजदूर का पेट कैसे भरेगा जब 12 साल में न्यूनतम वेतन नहीं बढ़ा वह परिवार कैसे पालेगा।
श्रम कानून तोड़ने वाले मालिकों पर कार्रवाई कब करेगी सरकार।
आवाज उठाना अपराध है तो फिर सरकार दमन करके श्रमिकों को संविधान में मिले सम्मान को नकारने में पूरी ताकत लगा रही है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि CITU गौतम बुद्ध नगर के जिला सचिव कामरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा को 13 दिनों से घर में कैद कर रखा गया है और उनका मोबाइल तक छीन लिया गया है।
सीपीएम के सांसद व राष्ट्रीय महासचिव के पत्र और माननीय न्यायालय के ‘कारण बताओ नोटिस’ को भी जिला प्रशासन ने कूड़ेदान में डाल दिया है यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
सीटू ने मांग की कि कामरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा को तुरंत रिहा कर मोबाइल वापस किया जाय।
सभी निर्दोष मजदूरों की बिना शर्त रिहाई हो और फर्जी मुकदमे खत्म करे सरकार।
CITU कार्यालयों की सील हटाने के साथ ही ट्रेड यूनियन के अधिकार बहाल हो।
पूरे एनसीआर में 26,000 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन लागू करो।
नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सभी मांगें नहीं मानी गईं तो CITU डीएम कार्यालय, सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा पर अनिश्चितकालीन महाधरना शुरू करेगा। इस धरने में मजदूर, किसान, महिला, छात्र और नौजवान संगठनों का हुजूम उमड़ पड़ेगा।
महाधरने में देश के कोने-कोने से सांसद, विधायक और वामपंथी दलों के राष्ट्रीय नेता नोएडा की धरती पर सरकार को ललकारेंगे।
सीटू दिल्ली एनसीआर राज्य महासचिव कामरेड पी.वी. अनियन ने कहा कि 24 अप्रैल को जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर होने वाला प्रदर्शन इस दमनकारी सरकार के ताबूत में आखिरी कील ठोकेगा।



