★मुकेश शर्मा★ ★ग्वालियर(मध्यप्रदेश)★ {मामला शमसान घाट और नाले पर जबरन रास्ता बनाने का,ग्वालियर हाईकोर्ट में दाख़िल जनहित याचिका पर नोटिस के बाद अब 4 जनवरी को होगी सुनवाई} (उच्चन्यायालय ने मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव समेत कलेक्टर भिंड,भिंड ज़िले के अमायन थाना प्रभारी को भी ज... Read more
राष्ट्रीय
लेखक-अरविंद जयतिलक भारतीय संविधान के चरित्र व स्वरुप पर गौर करें तो वह एक मृदु संविधान की सभी विशेषताओं से लैस है। मृदु लक्षणों की वजह से ही उसका प्रतिनिधित्यात्मक चरित्र लोकतंत्र का हिमायती है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व निष्पक्ष चुनाव उसकी शीर्ष प्राथमिकता में है। म... Read more
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लेखक- सुभाषचन्द्र तरुण तेजपाल “तहलका पत्रिका” का संस्थापक एडिटर हुआ करते थे इस व्यक्ति ने भाजपा के एक ईमानदार नेता के रूप में विख्यात पहले दलित अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण को फर्जी स्टिंग ऑपरेशन में फंसाकर उनका राजनीतिक भविष्य समाप्त करने के साथ ही भाजपा की लोकप्रियता को भी... Read more
- झारखंड छात्र आंदोलन को देश-विदेश के शिक्षाविदों का समर्थन, भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग
- कैराना से हिंदुओं को भगाने का आरोपी फुरकान एनकाउंटर में ढेर
- जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ शुरू किया देशव्यापी अभियान
- समुद्रमंथन’ से ब्लैक रिवॉल्यूशन का आगाज
- मातृ देवों भव: पितृ देवों भव: को मानने वाले देश में अंतिम विदाई भी जब मोबाइल स्क्रीन पर सिमट जाए तो….?
- 76200 करोड़ के बजट से दो चरणों में बनाया जा रहा है वाढवण बंदर:गौरव दयाल
लेखक~डॉके. विक्रम राव ♂÷टेनिस दिग्गज बोरिस बेकर पिछले, बृहस्पतिवार (15 दिसंबर 2022), को वैंडसर (लंदन) जेल में रो दिए। आंसुओं का कारण ? यह अरबपति खिलाड़ी बोला : “पहली बार जेल में जाकर ही मैं... Read more
★मुकेश सेठ★★मुम्बई★{मनसे व श्री संकल्प सेवा सहकारी संस्था गोरेगांव विभाग द्वारा किया गया है आयोजन}♂÷22 दिसम्बर से 1 जनवरी तक चलने वाले मालवणी महोत्सव 2022 का आयोजन महाराष्ट्र नव निर्माण सेना... Read more
लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷ गत सदी के अपने जघन्यतम पाप का अंततः अमरीका ने प्रायश्चित कर ही लिया। सात दशकों बाद, गत शुक्रवार (16 दिसंबर 2022), को सरकारी तौर पर बाइडेन प्रशासन ने महान भौतिक वैज्... Read more
【क्या थे वे दिन ? गीतमाला वाले !】 लेखक~डॉ.के. विक्रम राव ♂÷उन दिनों अमूमन अखबारों के दफ्तर में देर शाम फोन की घंटी बजती थी (तब मोबाइल नहीं जन्मा था), तो अंदेशा होता था कि “कुछ तो हुआ होगा।”... Read more







































