★मुकेश शर्मा★
★भोपाल★
{भाजपा विधायक सुबेदार रजौधा ने कियाथा श्रद्धा पांढरे का विरोध}
[45 दिन 12 हमले, ना कोई एफआईआर, ना कोई गिरफ्तारी, फिर भी हौसले बुलंद]
(मुरैना विधायक राकेश मवाई ने कहा उठाऊंगा विधानसभा में मुद्दा)
♂÷मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में भ्रष्ट सिस्टम एवं स्वार्थी राजनेताओं की पोल खोल कर रखने वाली वन विभाग की एसडीओ श्रद्धा पांढरे का अंततः राज्य सरकार द्वारा स्थानांतरण कर दिया गया है ! 3 माह से शेरनी की तरह दहाड़ रही श्रद्धा को बांधवगढ़ के टाइगर रिजर्व में कैद कर दिया गया है, जिससे वह अपने पंजे बाहर न निकाल सके ! इसके बाद अब रेत माफियाओं राजनीतिक लोगों के साथ-सथ प्रशासन के आला अधिकारियों ने राहत की सांस ली है ! यह तो पहले से ही तय था कि माफियाओं एवं सफेदपोश नेताओं से दुश्मनी एसडीओ को महंगी पड़ेगी और ज्यादा समय वह जिले में नहीं रह पायेगी और हुआ भी वैसा ही, जैसा माफिया चाह रहे थे ! इस स्थानांतरण के बाद यह तो तय हो गया है कि आज की वर्तमान राजनीति में ईमानदार अफसरों का टिकना नामुमकिन है और जिले के मुखिया हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे, लेकिन किसी ने भी इस दबंग लेडी का सहयोग नहीं किया तथा हतोत्साहित करने का कार्य करते रहे !
सूत्रों की मानें तो जिस तरह से एसडीओ श्रद्धा पांढरे लगातार रेत माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही कर रही थी, उस हिसाब से उनके तबादले की चर्चाएं शहर भर में आग की तरह फैल गई। इसी बीच लेडी सिंघम श्रद्धा पांढरे का तबादला उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर क्षेत्र में किया गया है। बता दें कि बीते तीन महीने में एसडीओ पांढरे लगातार अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। इस दौरान रेत माफिया द्वारा उन पर 15 से ज्यादाबार हमले किए गए, लेकिन संबंधित थानों में केवल चार बार ही एफआईआर दर्ज की । रेत माफिया ने उन पर फायरिंग तक का भी प्रयास किया, जबकि रेत माफिया को संरक्षण देने वाले राजनेता भी बीते 2 महीने से कार्रवाई होने से बेहद दुखी थे, हालांकि श्रद्धा पांढरे ने रेत माफियाओं के साथ-साथ मुरैना पुलिस पर भी जमकर आरोप लगाए थे। वन विभाग की एसडीओ का माफियाओं के साथ-साथ पुलिस से भी टकराव होता रहा। पुलिस से सहयोग न करने पर उन्होंने थाना प्रभारी को भी कई बार कटघरे में खड़ा कर दिया। इसके अलावा 3 महीने के कार्यकाल के दौरान एसडीओ श्रद्धा ने करीब 80 वाहनों को जप्त कर 25 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। यह जिले में पहली बार हुआ, जब इतनी बड़ी कार्यवाही की गई , जिसके बाद उन पर कई तरह के हमले हुए। भारतीय जनता पार्टी के विधायक सूबेदार सिंह रजौधा ने एसडीओ श्रद्धा पांढरे का खुला विरोध करना शुरू कर दिया था, तभी से माना जा रहा था कि आज नहीं तो कल एसडीओ का तबादला जरूर कर दिया जाएगा। इस मामले में एसडीओ श्रध्दा पांढरे का कहना है कि उनके तबादले के पीछे प्रशासन और रेत माफियाओं का हाथ है। रेत माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन की पोल खोल दी थी । जिसके कारण उनका तबादला करवाया गया है। एसडीओ ने कहा कि मुरैना में रेत माफिया खुलेआम प्रशासन को चुनौती देते हुए अवैध खनन में लगे हुए हैं । इसके साथ ही प्रशासन द्वारा अवैध खनन को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन, रेत माफियाओं के साथ मिलकर इस काम को बढ़ावा दे रहा है ।

अपने ट्रांसफर में पुलिस की भूमिका पर बोलते हुए श्रद्धा पांढरे ने कहा कि जब वन विभाग के अधिकारी रेत माफियाओं खिलाफ शिकायत लेकर पुलिस के पास जाते है, तो कई घंटो तक इंतजार करना पड़ता है, जो धाराएं रेत माफियाओं के खिलाफ लगती हैं, उन पर वह धारा नहीं लगाई जाती है। उन्होंने बताया कि अगर मेरा तबादला नही किया जाता तो आगामी दिनों में चम्बल राजघाट पर बहुत बड़ी कार्यवाही को अंजाम देने की रणनीति बनाई ली गई थी ,जो अब तक किसी ने नहीं की होगी। बीते दिनों एसडीओ श्रध्दा पांढरे ने पुलिस थाने के निर्माण में चंबल नदी की अवैध रेत का उपयोग किया गया जिसे जप्त कर लिया गया था। इस मामले में एफ आई आर को लेकर एसडीओ एवं पुलिस महकमा आमने-सामने आ गए थे और दोनों विभाग की लड़ाई चर्चा में थी आखिरकार पुलिस को झुकना पड़ा और संबंधित ठेकेदार एवं पुलिस हाउसिंग के अधिकारियों पर मामले दर्ज किए गए ! लेडी सिंघम एसडीओ श्रध्दा पांढरे के तबादला पर अब कांग्रेस ने भी शिवराज सरकार को घेरने का काम किया है। इस मामले में कांग्रेस प्रवक्ता के के मिश्रा का कहना है कि चंबल में रेत माफियाओं के सामने सरकार ने आत्मसमर्पण कर दिया। माफियाओं के मात्र 94 दिनों में 15 हमले सहनेवाली आयरन लेडी श्रद्धा पांढरे का तबादला कर दिया गया है। सीएम माफियाओं को नहीं ईमानदारी को ही 10 फीट गड्ढे में गाड़े हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस क्या यह सही है।
इनका कहना है
भाजपा सरकार में ईमानदार अधिकारियों के साथ कभी न्याय नहीं होता श्रद्धा पांढरे के साथ भी अन्याय हुआ है,इस मामले को में विधानसभा में उठाऊंगा।
राकेश मावई
विधायक कांग्रेस विधानसभा क्षेत्र मुरैना।






















